बंदरों के भय से बारीडीहा गांव में पसरा सन्नाटा।
धनघटा। क्षेत्र के बारीडीहा गांव में बंदरों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। बंदरों के खौफ के कारण घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। रविवार को बुजुर्ग पल्टन की बंदरों के हमले में मौत के बाद गांव में सन्नाटा रहा। बंदर घरों की छतों पर नजर आए। बारीडीहा गांव निवासी करमहुसेन, रामचंदर, रामजीत और प्रभुनाथ आदि ने बताया कि पिछले 15 दिन से गांव में बंदरों का आतंक है। बंदर कई लोगों को घायल कर चुके हैं। इसकी वजह से लोग घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं। जरूरी काम के लिए लोग समूह बनाकर निकल रहे हैं। गांव में बच्चे खुले मैदान में खेल नहीं पा रहे। हर समय डर रहता है कि कही से बंदर न आ जाएं।
बंदरों के हमले के शिकार हुए पल्टन के बेटे राजेंद्र ने बताया कि पिता सुबह के समय शौच के लिए सीवान की तरफ गए हुए थे। बंदरों के हमले की सूचना पर भागकर घटनास्थल पर पहुंचा। गंभीर रूप से घायल पिता को सीएचसी बेलौली ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। राजेंद्र ने बताया कि इससे पहले भी बंदर कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। अंदाजा नहीं था कि बंदर इस तरह किसी की जान भी ले सकते हैं।