- खलीलाबाद क्षेत्र के साधन सहकारी समिति सरैया और मगहर में मारा छापा
- जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने किया केस दर्ज
संतकबीरनगर। जनपद में डीएपी की किल्लत कम नहीं हो रही है। वहीं कुछ लोग खाद की कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। साधन सहकारी समिति सरैया और मगहर में खाद के कालाबाजारी की सूचना पर एसडीएम एवं जिला कृषि अधिकारी की टीम ने छापा मारा। इस दौरान खाद की कालाबाजारी पकड़ी गई। सचिव शिशिर श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला कृषि अधिकारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मामले में सचिव के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि 14 नवंबर को वायरल वीडियो और बिक्री केंद्र व समितियों द्वारा रात के समय उर्वरक वितरण का कार्य करने की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर एसडीएम खलीलाबाद शैलेश दूबे के साथ संयुक्त रूप से साधन सहकारी समिति सेमरा और मगहर का औचक निरीक्षण किया गया।
जांच में पाया गया कि समिति को 180 बोरी खाद का आवंटन किया गया था। जो 13 नवंबर शाम को समिति पर पहुंचा था। जिनमें से साधन सहकारी गोदाम से लगभग 16 से 20 बोरी डीएपी निजी वाहन से रात नौ बजे बाहर भेजी गई। जो बिना कैश मेमो अथवा पीओएस मशीन के द्वारा वितरण करने और उर्वरक व्यवसाय की कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने की पुष्टि हुई। इसकी मामले में कोतवाली में आरोपी सचिव शिशिर श्रीवास्तव के खिलाफ डीएम के निर्देश पर कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है।
कोतवाल सतीश कुमार सिंह ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सर्वेश कुमार यादव की तहरीर पर आरोपी शिशिर श्रीवास्तव सचिव साधन सहकारी समिति सेमरा एवं मगहर निवासी बंजरिया पूर्वी मोहल्ला खलीलाबाद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्जकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सचिव पर आरोप है कि उर्वरक की कालाबाजारी या निर्धारित मूल्यों से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था।
खाद की किल्लत को देखते हुए प्रशासन सख्त
जनपद के कई स्थानों पर खाद के किल्लत की सूचना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत पर उर्वरक बेचने की शिकायत अगर कहीं पर मिलती है तो संबंधित के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।