स्कूल जाने के लिए नहीं है रास्ता, मेड़ से होकर आते-जाते हैं बच्चे
विद्यालय का भवन और शौचालय भी बदहाल, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
रोसया बाजार। पौली के मॉडल प्राथमिक विद्यालय छपरा मगर्वी तक जाने के लिए रास्ता नहीं है। संकरे मेड़ से होकर बच्चे और शिक्षक स्कूल आते-जाते हैं। भवन की दशा भी दयनीय है। यहां सुविधाओं की कमी बनी हुई है और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मॉडल प्राथमिक विद्यालय छपरामगर्वी में कुल 203 बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को 135 बच्चे ही उपस्थित थे। यहां वीर बहादुर प्रधानाध्यापक हैं। जबकि मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद आजम सहायक अध्यापक हैं और गीता देवी शिक्षामित्र हैं। विद्यालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। शौचालय भी बदहाल है। चुनाव के दौरान दिव्यांगों के लिए बना शौचालय दुरुसत है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय भवन किसी की निजी जमीन में बनाया गया है। स्कूल तक जाने के लिए रास्ता नहीं है। गांव के रामशंकर ने बच्चों के आने-जाने के लिए खुद की जमीन दी है। प्रधानाध्यापक वीर बहादुर ने बताया कि कई बार समस्या के संबंध में लिखित पत्र विभाग को दिया गया है, लेकिन अभी तक निराकरण नहीं हुआ है। चुनाव के दौरान यहां डीएम-एसपी भी आए थे और समस्या देखकर बताया कि इसका समाधान कराया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारी वंशीधर सिंह ने बताया कि छपरा मगर्वी विद्यालय का मामला जटिल है। जमीन नहीं होने के कारण विद्यालय भी किसी दूसरे की ही जमीन में बना है। जर्जर भवन की जगह नया भवन बनवाए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। लोगों से सहयोग मांगकर रास्ता भी बनवाने का प्रयास किया जाएगा।