बैंकों में लंबित पत्रावलियों के निस्तारण के डीएम ने दिए निर्देश
- पशुपालन विभाग और मत्स्य विभाग को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की दी चेतावनी
संतकबीरनगर। डीएम दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में बुधवार को बैंकों के जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें विभिन्न विभागीय योजनाओं के सापेक्ष प्राप्त ऋण पत्रावलियों की स्वीकृति एवं निस्तारण आदि से संबंधित कार्यों की समीक्षा हुई। डीएम ने बैंकर्स को विभागवार योजनाओं के सापेक्ष बैंकों में लंबित पत्रावलियों के निस्तारण का निर्देश दिया। साथ ही पशुपालन विभाग और मत्स्य विभाग को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
डीएम ने कहा कि पात्रता की शर्तें पूरी होने पर ऋण पत्रावलियों को कदापि लंबित न रखा जाए। किसी भी भ्रम की स्थिति में संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स आपस में बैठकर आवेदन को गुणवत्तापरक ढंग से निस्तारित करें। अस्वीकृति करने की दशा में पत्रावली के विस्तृत अवलोकन के बाद कारण का भी उल्लेख किया जाए। डीएम ने अग्रणी जिला प्रबंधक को अपने स्तर पर भी बैंकों के साथ मीटिंग कर लंबित आवेदन पत्रों को निस्तारित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने किसान क्रेडिट कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, स्वत: रोजगार योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, एमएसएमई वित्त पोषण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि के सापेक्ष विभिन्न बैंकों द्वारा लाभार्थियों का आच्छादन एवं प्रगति की गहन समीक्षा की। डीएम ने आर सेटी के लंबित आवेदन पत्र पर असंतोष जताते हुए आर सेटी के निदेशक को इन आवेदन पत्रों का बैंक से मिलकर तत्काल निस्तारण कराने का निर्देश दिया। पशुपालन विभाग और मत्स्य विभाग की ओर से बैंकों को ऋण पत्रावली प्रेषित करने में रुचि न दिखाने पर डीएम ने कार्य प्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। बैंकों द्वारा केसीसी वितरण की धीमी प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बैंक के जिला समन्वयक को संबंधित विभाग से मिलकर 15 दिन के अंदर लंबित सभी ऋण आवेदन पत्रों के निस्तारण का निर्देश दिया। मिटिंग में यह भी निर्णय लिया गया कि 30 सितंबर तक किसी बैंक का ऋण जमा अनुपात 40 प्रतिशत से कम न हो।
बैठक में एडीएम मनोज कुमार सिंह, सीडीओ अतुल मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि जय प्रकाश निषाद, आरबीआई प्रतिनिधि शिवानी कुमकुम, अग्रणी बैंक प्रबंधक दिवाकर पांडेय, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज, डीडीएम नाबार्ड मनीष सिंह, एसबीआई के मुख्य प्रबंधक आरएस. अनुरागी आदि मौजूद थे।