- बुधवार को एक्यूआई स्तर 161 मापा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में प्रदूषण का स्तर पर कभी कम हो रहा है तो कभी बढ़ रहा है। इधर लोग पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सुबह और शाम के समय जहां धुंध छाई रहती है, वहीं दिन में तेज धूप निकल रही है। बुधवार को एक्यूआई स्तर 161 पहुंच गया। इधर प्रशासन ने पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि बढ़ रहे प्रदूषण को रोका जा सके। उसके बावजूद किसान पराली जला रहे हैं।
दिवाली के पटाखों से निकले धुएं से प्रदूषण का एक्यूआई 192 पहुंच गया था। वह धीरे-धीरे नीचे आया है। सुबह और शाम को कोहरा छा जा रहा है। इसके साथ ही ठंड भी बढ़ गई है, लेकिन दिन में धूप निकलने से लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है। बुधवार की सुबह से धुंध छाई रही, लेकिन आठ बजे के बाद तेज धूप निकली और शाम चार बजे तक इसका असर रहा। उसके बाद अचानक धुंध छाने लगा। हालांकि मौसम में इस समय नरमी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल और धुआं के कारण धुंध छा रहा है। इसके साथ ही डीजल वाहनों से निकलने वाले धुएं भी लोगों को परेशान कर रहे है। मौसम में बदलाव के चलते लोग बीमार भी हो रहे है। अस्पताल में सर्दी, खांसी, सास लेने में दिक्कत और आंखों में लाली के मरीज पहुंच रहे है। जिनका इलाज चिकित्सक कर रहे है।
जो लोग पराली जला रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। लोग प्रशासन का सहयोग करें।
-महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
प्रदूषित हवा में सांस लेने की वजह से न सिर्फ बुजुर्ग बल्कि छोटे बच्चे भी सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं झेल रहे हैं। प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर पड़ता है। इसकी वजह से व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में लाेगों को मास्क लगाकर बाहर निकलना चाहिए।
-डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल