संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के बाघनगर गांव में रविवार को एक रिहायशी झोपड़ी में लगी आग में डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची रहनुमा की मौत के बाद परिवार में मातम है। रहनुमा के माता-पिता का बेटी की मौत से रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को मासूम बच्ची को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। वहीं पांच वर्षीय बालिका मिसबा खातून भी आग में झुलस गई थी, जिसका इलाज बस्ती में चल रहा है।
लल्ला उर्फ अहमद ने पक्के मकान के आगे बाहर झोपड़ी डाल रखी है। माता शफीकुन्निशा सामुदायिक शौचालय की केयर टेकर हैं। पिता लल्ला बाघनगर बिजली पाॅवर हाउस के पास शैलून चलाते हैं। दोपहर करीब बारह बजे आग लगी, आग ने 15 मिनट में सब कुछ राख कर दिया। इस आग में डेढ़ वर्षीय मासूम रहनुमा की जलने से मौत हो गई। बेटी की मौत से लाला और शफीकुन्निशा बदहवास हैं।
सोमवार को बेटी को सुपुर्द खाक के बाद जब लाला घर लौटे तो शफीकुन्निशा उन्हें देखकर दहाड़े मारकर रोने लगीं। लाला ने बताया कि जब वह दुकान बंद कर आते थे, तो बेटी रहनुमा उनके सीने से लग जाती थी। वह बेटी के साथ खेलते थे। अब किसे खिलाएंगे। यह सोच कर वह रोने लगे। उन्होंने बताया कि उनका सब कुछ खत्म हो गया।