बालकृष्ण की मौत के बाद घर पर जुटी लोगों की भीड़ । संवाद
- फोटो : सांकेतिक
रोसयाबाजार। धनघटा थानाक्षेत्र के सेवईपार मे मंगलवार की एक आम के पेड़ पर फंदे से लटका 19 वर्षीय युवक का शव पाया गया। खबर मिलने पर पुलिस पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सेवईपार गांव के 19 वर्षीय बालकृष्ण पुत्र लल्लन यादव सोमवार की शाम भोजन करके सोने गया। वह रात में बिस्तर से गायब हो गया। लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। मंगलवार सुबह लगभग 6 बजे गांव के ही एक व्यक्ति ने गांव से 200 मीटर दूर आम के पेड़ से लटका उसका शव देखा। उसने गांव के लोगों को जानकारी दी। धीरे-धीरे गांव के लोगाें के साथ परिजन भी वहां पहुंचे और मुकामी पुलिस को इस बात की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किया तथा जानकारी ली। वह चार भाइयों से सबसे छोटा था। थानाध्यक्ष जेपी दूबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। किसी ने तहरीर भी नहीं दी है।
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हत्या और आत्महत्या के बीच लटकी बालकृष्ण के मौत की कहानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बालकृष्ण की मौत को लेकर अभी गांव के लोगों के साथ परिजन भी उहापोह की स्थिति में दिख रहे हैं। शव की स्थिति को देखकर परिजनों के साथ ही ग्रामीण भी उसके हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
परिजनों का कहना है कि बालकृष्ण खाना खाने के बाद अपने कमरे में सो रहा था। परिवार के लोग अपने-अपने जगह पर सोए हुए थे। रात में बालकृष्ण घर से निकलकर गांव के पास स्थित बाग में कब और क्यों गया इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं हो पाई। मंगलवार की सुबह उसका शव रस्सी से बंधा हुआ पेड़ से लटका मिला तो परिवार के लोगों के होश उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मृतक के गले में रस्सी से फंदा नहीं लगाया गया था बल्कि रस्सी उसके गले से लिपटी हुई थी। दबी जुबान में लोग यह भी कह रहे थे कि बगल के गांव में उसका बराबर आना जाना लगा रहता था। यही नहीं उसके पैर में चप्पल भी नहीं था। वहीं घर पर भी उसका चप्पल नहीं मिला। परिवार के लोगों का मानना है कि बालकृष्ण आत्महत्या नहीं किया है बल्कि उसकी हत्या करके उसके शव को पेड़ से लटकाने के बाद आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
बालकृष्ण की मौत के बाद घर पर जुटी लोगों की भीड़ । संवाद- फोटो : सांकेतिक
बालकृष्ण की मौत के बाद घर पर जुटी लोगों की भीड़ । संवाद- फोटो : सांकेतिक