बढ़या ठाठर गेज के पास राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी मेंहदावल/रोसया बाजार। जिले की कुआनो और राप्ती नदियां बढ़ाव पर हैं, वहीं सरयू नदी घट रही है। राप्ती के किनारे बसे जोरवा, बढ़या ठाठर तथा अन्य गांवों के लोग जहां बढ़ते जलस्तर को देखकर चिंतित हो रहे हैं। वहीं सरयू नदी और बांध के बीच में बसे 32 गांवों के लोग अपनी फसलों की बदहाली को लेकर चिंतित हैं। राप्ती नदी के 19 किलोमीटर लंबे करमैनी बेलौली तटबंध पर हर वर्ष बाढ़ का खतरा मंडराता है। चूंकि नदी उत्तर से दक्षिण को बहती है तथा उसका कर्व पश्चिम की तरफ है। इसलिए मेंहदावल तहसील क्षेत्र के बंधे की तरफ ज्यादा दबाव बनाती है। इस दबाव को देखते हुए ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी लगातार बंधे पर भ्रमण कर रहे हैं।
वहीं किलोमीटर 16 से 19 के बीच बनने वाले बोल्डर पीचिंग अपरन का कार्य कराने के लिए बोल्डर तटबंध पर शनिवार को गिराए जाते हुए दिखाई पड़े। जोरवा व बढ़या ठाठर गांव जो राप्ती के कर्व पर हैं वहां के लोग काफी सहमे दिख रहे हैं। वह नदी में जलस्तर नापने के लिए लकड़ियां गाड़े हुए हैं।
सरयू नदी में जलस्तर बढ़ा है, और धीरे धीरे उसकी उप धाराओं में पानी भर रहा है। बिड़हरघाट पर सरयू नदी का खतरे का निशान 79.400 है, जबकि नदी का जलस्तर वर्तमान में 77.700 मीटर पर है। नदी 22 मिलीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घट रही है। इससे वहां के किसान काफी खुश हैं। लेकिन उपधाराओं में पानी आने के बाद इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि किसी दिन भी अगर नदी एकाएक बढ़ गई तो उनकी परवर, खीरा, गन्ना आदि की फसल खराब हो जाएगी। उपधाराएं अगर पूरी तरह से डूब जाएंगी तभी गांवों के चारों ओर पानी भरेगा। माझा खड़कपुर, भिखारीपुर, नकहा के साथ ही अन्य गांवों से नदी अभी दूर है। लेकिन सिर्फ एक मीटर पानी बढ़ने के बाद स्थिति काफी खराब हो जाएगी। यहां के रास्तों के साथ ही फसलें भी डूब जाएंगी। गायघाट दक्षिणी में जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी बढ़ेगी। गायघाट के दर्जनों घर नदी में डूब चुके हैं।