जोगाराजा सीवान में कठिनइया नदी का पानी खेत में भर जाने से बर्बाद हुई गेहूं की फसलें
हरिहरपुर/ महुली। सरयू नहर का पानी कठिनइया नदी में आने से जलस्तर बढ़ गया। इससे नदी के तटीय इलाकों में दर्जन भर से अधिक किसानों की करीब बीस एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
जोगाराजा, सिदाही, केवटहिया, चमरसन, भिनखिनी सहित दर्जनभर गांव में नदी के तटीय इलाके की गेहूं की फसल पानी में डूब जाने से बर्बाद हो गई। किसान यशवंत सिंह यादव, रामकेश निषाद, राजदेव गौतम, पिंटू गौतम, संतराम गौतम, बिहारी गौतम ने बताया कि उनकी खेती कठिनईया नदी के किनारे स्थित है। इसमें गेहूं के फसल की बुआई हुई थी। बीते दिनों अचानक नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया, जिससे गेहूं की फसलें डूब गईं।
किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ेगा। फसल की बुवाई, खाद, पानी और जुताई में लगी लागत के लिए घर में रखा अनाज भी बेच दिया है। फसल की उपज के सहारे बच्चों की पढ़ाई और घर गृहस्थी के इंतजाम का सपना संजोए किसान काफी चिंतित हैं। किसानों ने बताया कि सरयू नहर से अचानक पानी, नदी में आने से उनकी फसलें बर्बाद हो गई। कर्ज लेकर खेती में लागत लगा चुके किसान फसलों के डूबने से परिवार की परवरिश को लेकर परेशान हैं। फसलों के डूब जाने से किसान और उनके परिवार के लोग मायूस हैं।
किसानों ने स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।