मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कवायद में प्रशासन जुटा हुआ है। इसके लिए जागरुकता रैली निकाली जा रही है और कॉलेजों में छात्र- छात्राओं को शपथ दिलाई जा रही है। इसी कड़ी में प्रशासन पिछले चुनाव में कम वोटिंग वाले 138 मतदान केंद्रों चिह्नित किए गए हैं। डीएम ने अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है कि वह उन गांवों में चौपाल लगा कर लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।
चुनाव प्रभारी एसडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मतदान का प्रतिशत बढ़ाने पर प्रशासन का पूरा जोर है। इसके लिए वर्ष 2012 के चुनाव में कम वोटिंग प्रतिशत वाले 138 मतदान केंद्रों को चिह्नित किया गया है। जिसमें 48 केंद्र खलीलाबाद में, 49 केंद्र मेंहदावल में और 41 केंद्र धनघटा विधान सभा क्षेत्र में है।
तहसील स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह उन गांवों में चौपाल लगाएंगे और यह जानने का प्रयास करेंगे कि किन वजहों से वहां पिछले चुनाव में कम मत पड़े थे। इस बार के चुनाव में उन गांवोें के सभी महिला और पुरुष जो वोटर है मतदान में भाग ले, इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जाए। डीएम के स्तर से यह भी निर्देश दिया गया है कि लेखपाल, कानूनगो, बेसिक विभाग के शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी आपस में सामंजस्य स्थापित करके गांवों के लोगों को मतदान के लिए जागरुक करेंगे।
डीएसओ रामेंद्र यादव ने बताया कि जनपद में 10 गैंस एजेंसियां हैं। मतदाता जागरुकता के लिए व्यवस्था की गई है कि डिलिवरी वाहनों पर मतदान जागरूकता का बैनर लगाया जाएगा। इसके साथ ही गैस सिलेंडरों पर 27 फरवरी को मतदान करने के लिए अपील की हुई पर्ची चस्पा की जाएगी। इसके साथ ही कोटेदारों को भी निर्देश दिया गया है कि अपने दुकानों पर जागरूकता का बैनर लगाएंगे और उपभोक्ताआें को मतदान के लिए प्रेरित करेंगे।