मेंहदावल। क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरवलिया चौबे में घोटाले की शिकायत जिलाधिकारी से गांव के एक व्यक्ति ने शपथ पत्र देते हुए की है। ग्राम प्रधान ने गांव की महिला कोटेदार को ही मनरेगा मजदूर बना दिया है और उसके खाते में मजदूरी का भुगतान भी भेजा गया है। इसके साथ ही तमाम गंभीर आरोप ग्राम प्रधान पर लगाए गए हैं।
ग्राम पंचायत भरवलिया चौबे निवासी रजनीश चौबे ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर अपने ग्राम सभा में हुए इस अनियमितता की शिकायत की है। उनका आरोप है कि ग्राम सभा की महिला कोटेदार के नाम से जब कार्ड जारी किया गया है। उक्त महिला कोटेदार के खाते में कई बार मनरेगा की मजदूरी का भुगतान भी भेजा गया है। वर्तमान ग्राम प्रधान ने अपने परिवार के फर्म में भवन निर्माण के लिए ली गई सामग्री का 38361 रुपये भुगतान किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने परिवार के सदस्यों के नाम स्थित फर्म में तमाम भुगतान किया है। यही नहीं परिवार के कई सदस्यों के नाम भी जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। जबकि शासनादेश में यहां स्पष्ट है कि ग्राम प्रधान अपने परिवार के किसी सदस्य के फॉर्म में कोई भुगतान या लेन देन नहीं करेगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उक्त प्रकरण में निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है।
वहीं ग्राम प्रधान पवित्रा देवी का कहना है कि यह सारे आरोप बेबुनियाद है। राजनीति से प्रेरित होकर इस तरह की शिकायतें की जा रही है जिसमें कोई तथ्य तथा सत्यता नहीं है। जांच में सच्चाई सामने आएगी।