सतहरा गांव स्थित चनियवा पोखरे में ग्राम प्रधान रामसहाय चौरसिया ने खुदाई कार्य शुरू कराया।
बाद में पूर्व ग्राम प्रधान के पति रमेश यादव कार्य को यह कहते हुए रोकने लगे कि वह जिला पंचायत से इस पोखरे का निर्माण कार्य कराएंगे। जबकि प्रधान का आरोप था कि यह ग्राम पंचायत का पोखरा है।
इस पर ग्राम पंचायत से कार्य कराने के लिए स्टीमेट तैयार कराया गया है। जिस पर दोनों लोगों के बीच कहा सुनी हुई।
प्रधान का आरोप था कि सोमवार की सुबह मनरेगा मजदूर जब कार्य करना शुरू किए तो उसी समय पूर्व प्रधान के पति अपने समर्थकों के साथ कार्य स्थल पर पहुंच गए तथा अभद्रता से पेश आते हुए कार्य बंद करने का दबाव बनाए।
मनरेगा मजदूरों ने जब कार्य बंद करने से मना किया तो पूर्व प्रधान पति और उनके समर्थकों ने मनरेगा मजदूर रामवृक्ष, रामजियावन की पिटाई शुरू कर दिया।
बचाने गई मनरेगा मजदूर बसंता देवी को भी लोगों ने मारा पीटा। इसकी जानकारी होते ही गांव के तमाम लोग प्रधान के समर्थन में पहुंच गए। खबर पर एसओ मौके पर पहुंच गए।
पुलिस की सक्रियता के कारण बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों का आरोप था कि पूर्व प्रधान पति के समर्थन में आए मुखलिसपुर के एक सपा नेता ग्रामीणों को धमकाने के लिए अवैध असलहा लहराए, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही पूर्व प्रधान पति व उनके समर्थक खेतों से होकर भाग निकले।
पुलिस काफी दूर तक पीछा की, लेकिन पुलिस को इसमें सफलता नहीं मिली। घटना को लेकर गांव में तनाव कायम है। पूर्व प्रधान के पति का आरोप था कि प्रधान और उनके समर्थकों ने उसके पक्ष के लोगों के साथ मारपीट शरू कर दी।
एसओ संतोष तिवारी ने बताया कि सतहरा गांव में पोखरे की खुदाई कराने को लेकर प्रधान रामसहाय और पूर्व प्रधान के पति मार पीट पर अमादा थे।
शांति भंग की आशंका में वर्तमान प्रधान रामसहाय उनके पक्ष के रामदीन, रामजियावन, गंगाराम और पूर्व प्रधान पति रमेश यादव व उनके पक्ष के अभिमन्यु, चंद्रशेखर, चंद्रकेश, तेजबहादुर, दिनेश, रामसकल समेत कुल 11 लोगों पर पाबंद की कार्रवाई की गई है।
आगे बताया कि प्रधान रामसहाय पक्ष के रामदीन, रामजियावन, गंगाराम और पूर्व प्रधान पति रमेश यादव पक्ष के अभिमन्यु व चंद्रेशखर को गिरफ्तार कर शांति भंग में चलान किया गया है।