- डीपीआरओ की तहरीर पर पूर्व व वर्तमान प्रमुख समेत 55 बीडीसी पर दर्ज है केस
- झूठा शपथ पत्र देने के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां ब्लॉक प्रमुख पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम की कोर्ट ने ब्लॉक प्रमुख मजहरुन्निशा की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी है। डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह की तहरीर पर दुधारा पुलिस ने प्रमुख और पूर्व प्रमुख की पत्नी समेत 55 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के खिलाफ झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में केस दर्ज किया था।
प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रभारी निरीक्षक दुधारा को तहरीर में लिखा है कि ब्लॉक प्रमुख सेमरियावां के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में हाजरा खातून, संगीता देवी, मनीष कुमार और बदरुन्निशा के संयुक्त हस्ताक्षर से 27 जुलाई 2024 को प्रस्तुत प्रार्थनापत्र में कुल 91 शपथ पत्र डाक के माध्यम से पेश किए गए। साथ ही मजहरुन्निशा ने 30 जुलाई 2024 व पांच अगस्त 2024 को प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर अविश्वास प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने और तत्संबंधी कुल 75 शपथपत्र पेश किए।
विकास खंड सेमरियावां में कुल 121 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं तो संभव नहीं था कि 166 शपथ पत्र दिया जा सके। इसके संबंध में जांच हुई तो पाया गया कि 50 क्षेत्र पंचायत सदस्य के शपथ पत्र दोनों पक्षों हाजरा खातून और मजहरुन्निशा द्वारा दिया गया। जांच के क्रम में सभी 50 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बयान दर्ज कराए जाने के लिए बुलाया गया। जिसमें 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने बयान दर्ज कराए।
सभी के बयान प्रश्नोत्तरी के रूप में दर्ज किए गए। 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 32 क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा अविश्वास के पक्ष में अपना बयान दिया है। वहीं 16 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ अपना बयान दिया। दो क्षेत्र पंचायत सदस्य बयान के समय गैरहाजिर रहे। इससे स्पष्ट है कि बेइमानी तरीके से छल धोखा देकर शपथ पत्र तैयार किया गया था, जो अपराधजनित है।
इस मामले में दुधारा थाने में केस पंजीकृत हुआ और ब्लॉक प्रमुख मजहरुन्निशा ने अग्रिम जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने ब्लॉक प्रमुख मजहरुन्निशा द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
एक्सपर्ट के पास मिलान के लिए भेजा गया हस्ताक्षर नमूना
दुधारा थाने में केस दर्ज होने के बाद ज्यादातर बीडीसी भूमिगत हो गए। पुलिस ने सदस्यों के हस्ताक्षर मिलान के लिए गोरखपुर लैब में भेजा है। दो चरणों में 25 सदस्यों के हस्ताक्षर के नमूने जा चुके हैं। बाकी के नमूने भेजने की पुलिस तैयारी कर रही है। इसके अलावा एक-एक करके सदस्यों का बयान भी दर्ज कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसी माह रिपोर्ट आने की संभावना है।