विश्व जनकल्याण धर्म रक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश्वरानंद जी महराज को अंग वस्त्र देते अमर सिंह दुषाध।
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नशा मुक्ति के प्रति केंद्र और प्रदेश सरकार उदासीन हैं। महिलाओं की शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और नशा मुक्ति के बिना देश का विकास संभव नहीं है। ये बातें द्वारिका पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य और विश्व जनकल्याण धर्म रक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश्वरानंद जी महराज ने कहीं।
सोमवार रात वे नाथनगर ब्लॉक के चंद्रौटी गांव में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानमती दुषाध के आवास पर प्रवास के दौरान पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। कहा कि नशा मुक्ति, महिला शिक्षा, महिला सम्मान व महिला सुरक्षा के लिए जन जागरूकता अभियान के लिए भारत भ्रमण पर हैं।
उन्होंने कहा कि देश में नशा मुक्ति के प्रति हिंदुओं की अपेक्षा मुस्लिम समुदाय के लोग अधिक जागरूक हैं। जिस तेजी से नशा युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है वह बेहद गंभीर है। नशा का परित्याग करने के लिए आत्म बल का होना अति आवश्यक है। भारतीय राजनीति में पैसा और शराब बाटने की परंपरा को लोकतंत्र की शर्मनाक करतूत बताते हुए लोगों से अपील की कि ऐसे राजनीतिक दलों व उनके नेताओं का बहिष्कार करें।
इस दौरान ज्ञानमती दुषाध के पुत्र अमर सिंह दुषाध ने स्वामी जी को अंगवस्त्र भी भेंट किया। इस दौरान सीओ धनघटा वीरेंद्र श्रीवास्तव, महुली थानाध्यक्ष संतोष तिवारी, प्रमोद यादव, पंडित तोताराम, विक्रम सिंह, भरत सिंह, रंगीलाल दूषद, इंद्रजीत यादव, अरविन्द यादव, मुबारक, श्रवण सिंह, निरज ङ्क्षसह बधेल, धर्मेन्द्र शुक्ल, नितेश सिंह, विवेक कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।