संतकबीरनगर। निषाद पार्टी के कथित नेता अब्दुल अजीम पर हुए हमले के बाद पार्टी में उनकी सदस्यता को लेकर ही सवाल उठने शुरू हो गए है। अब्दुल अजीम खुद को पार्टी का प्रदेश सचिव बता रहे हैं, जबकि पार्टी ने उनके दावे को नकार दिया है। सवाल तो उनके पार्टी से जुुड़े होने परर भी खड़े होने लगे हैं। हालांकि अजीम का दावा है कि वर्ष २०२२ के विधान सभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। लेकिन पार्टी नेताओं ने इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। कहा कि उनके पार्टी से जुडे़ होने के बारे में केंद्रीय नेतृत्व ही बता सकता है।
बता दें कि अब्दुल अजीम पर मंगलवार रात बाइक सवार हमलावरों ने दुधारा क्षेत्र के नव्वा गांव के पास फायरिंग कर दी थी, जिसमें उनकी जांघ में गोली लग गई। हमले के बाद उन्होंने खुद को निषाद पार्टी का प्रदेश सचिव बताया था। मीडिया में यह खबरें चलीं तो पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट कर दिया कि वह पार्टी में किसी पद पर नहीं हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के जनसंपर्क अधिकारी राजीव यादव ने प्रदेश अध्यक्ष के हवाले से इसे लेकर विज्ञप्ति भी जारी की थी। इसके बाद से ही अब्दुल अजीम के पार्टी में होने न होने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि अब्दुल अजीम का दावा है कि लोक सभा चुनाव के दौरान मेंहदावल में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष अमित निषाद ने उन्हें मंच से प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया था लेकिन इसकी कोई सूची जारी नहीं हुई थी।
बताया कि सूची एक ही बार राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यकारिणी का गठन होने के बाद जारी होती है। अगर बीच में कोई पदाधिकारी बनता है तो सूची जारी नहीं होती। हालांकि अपने प्रदेश सचिव होने को लेकर वह कोई कागज नहीं दिखा सके।
उधर, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के जनसंपर्क अधिकारी राजीव यादव ने कहा कि अजीम के प्रदेश सचिव होने को लेकर पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है। पार्टी की सदस्यता पर केंद्रीय नेतृत्व ही बता पाएगा।