धनघटा तहसील क्षेत्र के घाघरा की बाढ़ से जलमग्न हुई फसल।
- फोटो : KHALILABAD
घाघरा की रफ्तार थमी, पर बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं बरकरार
- 12 घंटे में 10 सेंटीमीटर कम हुआ पानी
धनघटा। शुक्रवार को घाघरा नदी का पानी घटना तो शुरू हुआ, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। घर में पानी घुसने के कारण छत पर रहना, अंधेरे में खाना, पानी में चलना लोगों की मजबूरी बनी हुई है। शुक्रवार को पूरे दिन धनघटा-बिड़हर घाट मार्ग पर नेतवापुर गांव के पास बनी पुलिया पर पानी का दबाव बना रहा तो संपर्क मार्गों को पार करके बाढ़ के पानी ने लोगों के आवागमन में बाधा पैदा कर दिया है।
बृहस्पतिवार को घाघरा नदी का पानी बढ़ते हुए क्रम में खतरे के निशान 79.850 मीटर को पार करके शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 79.950 मीटर पर पहुंच गया था। नदी के पानी में हुई वृद्धि के कारण जिन स्थानों पर बाढ़ का पानी कभी नहीं गया था, वह स्थान भी जलमग्न हो गए। दियारा क्षेत्र में बोई गई धान की हजारों एकड़ फसल जो पक कर तैयार थी, बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई। नदी का पानी धनघटा- बिडहर घाट मार्ग पर नेतवापुर गांव के पास बनी पुलिया को क्षतिग्रस्त करने लगी है। पुलिया को बचाने के लिए सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारी करीब छह घंटे हलकान रहे। शुक्रवार की सुबह इस मार्ग पर बड़े वाहनों का आना-जाना रोक दिया गया। बाढ़ के पानी से एमबीडी बांध के दक्षिण बसे गांव में तबाही मचने लगी। एमबीडी बांध की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के साथ पुलिसकर्मी भी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। शुक्रवार शाम 4 बजे नदी का जलस्तर घटकर 79 .900 मीटर पर पहुंच गया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद ने बताया कि 12 घंटे में नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर कम हुआ है। उम्मीद है कि नदी अब तेजी के साथ घटेगी।