हालांकि इस घटना के बाबत कोई पुलिस कर्मी अपनी जुबान खोलने को तैयार नही है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि दोनो सिपाहियो के बीच शनिवार के शाम को भी बाद विवाद हुआ था। उस समय तो मामला शांत हो गया, लेकिन सुबह दोनो फिर टकरा गए। दोनो के बीच कहा सुनी होते होते मारपीट होने लगी। जिसे देख लोग दंग रह गए। लोगों का कहना था कि जब अनुशासित कहे जाने वाले इस विभाग के कर्मियों की यह हाल है तो अन्य विभाग और जनता का क्या भरोसा। इस संबध में थाना प्रभारी सुभाष मौर्य ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया है।