- बजट पर राजनीतिक दलों ने व्यक्त की प्रतिक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट को लेकर राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। बजट को सत्ता पक्ष बजट को सराहा तो विपक्ष ने इसे जनविरोधी बताया।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया है वह भारत के सपनों को साकार करने वाला बजट है। महिलाओं, किसानों, युवाओं के साथ ही बजट में सभी वर्ग के लोगों का ख्याल रखा गया है। यह बजट विकास की गति तेज करने में सहायक होगा।
- जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष भाजपा
केंद्र सरकार का बजट पूरी तरह से जनविरोधी है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन बजट में महंगाई कम करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। मनरेगा का कोई जिक्र नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा की चिंता भी नहीं दिखी है।
- प्रवीण चंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
यह बजट किसान, नौजवान, महिला और जनविरोधी है। किसानों की आय दो गुना करने की घोषणा के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया है। युवाओं को नौकरी देने की बजाय ट्रेनिंग का झुनझुना थमा दिया है। महिलाओं के सुरक्षा और सम्मान के लिए भी कुछ नहीं किया गया है।
- अब्दुल कलाम, जिलाध्यक्ष, सपा
बजट में सिर्फ शब्दों की बाजीगरी की गई है। बजट में दलितों, किसानों और आम जन के हित में कुछ भी नहीं है। यह बजट जन विरोधी है। महंगाई कम करने के लिए भी बजट में कुछ नहीं किया गया है।
- झिनकान प्रसाद, जिलाध्यक्ष, बसपा
बजट में गरीब, युवा, महिला और अन्नदाता के साथ हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। इसमें युवाओं के रोजगार से लेकर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव कर मध्यम वर्ग को राहत दी गई है। स्वर्ण व्यवसायियों को इस बजट में काफी राहत दी गई है। यह सराहनीय है।
श्याम सुंदर वर्मा, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका खलीलाबाद
बजट किसान, महिला, युवा और गरीब सहित 130 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। यह बजट चतुर्दिक क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- सुभाष यदुवंश, एमएलसी, भाजपा