संतकबीरनगर/मगहर। जिले में नवीं मोहर्रम का जुलूस पूरे अकीदत और शानो शौकत से कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। इस दौरान बनाए गए ताजियों को क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। भ्रमण के पश्चात ताजियों को इमाम चौक पर रखा गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी रही और सतर्कता से भ्रमण करती रही।
जिला मुख्यालय तथा नगर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नवीं मोहर्रम के ताजिया का जुलूस शनिवार की देर शाम बहुत ही शांति तथा अकीदत के साथ निकला। इस दौरान जुलूस के आगे युवक ढोल-ताशे बजाते रहे। जगह जगह मर्सिया भी पढ़ी गई। गतका, तलवार बाजी, लाठी बाजी आदि के हैरतअंगेज करतब जुलूस के आकर्षण का केंद्र रहे।
खलीलाबाद शहर में अंसार टोला, बिधियानी, सरही, अजमापुर आदि जगहों से निकलकर जुलूस पुनः अपने चौक पर आकर ताजिये बैठ गये। यह जुलूस शनिवार की देर रात मगहर के सूती मिल चौराहा और शेरपुर मुहल्ले स्थित चौक से एक साथ करीब साढ़े नौ बजे रात में निकला जो विभिन्न मुहल्लों से होता हुआ अनजान शहीद मोहल्ले में पहुंचा। वहां से जुलूस तकिया बाजार में पहुंचा।
इस दौरान लोग मर्सिया पढ़ते रहे साथ ही या हुसैन-या हुसैन की आवाजें भी बुलंद करते रहे। विभिन अखाड़ों के लोग गतका, तलवारबाजी,लाठी बाजी आदि का हैरतअंगेज करतब दिखाते रहे। तकिया बाजार से पुनः अंजानशहीद मुहल्ला होते हुए ताजिये जुलूस अपने जगह चौक पर फिर आकर शनिवार/रविवार की देर रात खत्म हुआ। बखिरा, मेहदावल, सई बड़हरा, गुलहरिया, शाहपुर, पौली, कांटे, कोडरी, भरपुरवा, गड्सरपार, धौरहरा में भी नवीं मोहर्रम के ताजिये के जुलूस शांति पूर्वक निकाले गए।
मगहर में लोगों के सहयोग में सिराज खान, अब्दुन्नवी, पूर्व चेयरमैन नूरुज्जमा अंसारी,अवधेश सिंह, शिबतैन मुस्तफा, बबलू खान, अहमद आलम, मेंहदी हसन, मोहम्मद असअद, हाफिज रिजवान, अहमद अली, मुन्ना खान, मुजीबुल्लाह आदि लोग पूरे समय लगे रहे।
ड्रोन कैमरों से हो रही थी निगरानी
इस मौके पर चौकी इंचार्ज मनीष जायसवाल,एसआई मोती लाल अपने हमराही सिपाहियों के साथ पूरे जुलूस के समय सुरक्षा की दृष्टि से सतत नजर बनाए हुए थे। इस दौरान ड्रोन कैमरे से भी जुलूस पर निगरानी होती रही। पूरे जनपद में ड्रोन कैमरों की जद में जुलूसों को देखा जाता रहा।
आज मनाया जाएगा मुहर्रम का पर्व
मुहर्रम का पर्व रविवार को पूरे जनपद में अकीदत के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान ताजियों को इमाम चौक से उठाकर विभिन्न कर्बला के मैदानों में ले जाया जाएगा। वहां पर ताजियों को अकीदत के साथ देर रात कर्बला के मैदानों में दफन किया जाएगा।