संतकबीरनगर। पुरैना गांव में जिस शिकायत पर जांच करने के लिए गए लेखपाल पर हमला किया गया था उस शिकायतकर्ता को ही इस बात की जानकारी नहीं है। दूसरे मोबाइल नंबर से आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी और शिकायतकर्ता में नाम उनका डाल दिया गया था। पीड़ित लेखपाल आशुतोष कुमार सिंह बताते हैं कि पुरैना गांव के संतोष कुमार पांडेय के नाम से आईजीआरएस पर एक शिकायत की गई थी। शिकायत में यह कहा गया था कि गांव की बंजर, खलिहान, नवीन परती, नाली और रास्ते पर कब्जा है। जब वह गांव में गए और शिकायतकर्ता को खोजने लगे, जब मोबाइल से बात हुई तो संतोष पांडेय ने बताया कि वह गाड़ी चलाते हैं। उन्होंने कोई शिकायत ही नहीं दी है।
लेखपाल ने बताया कि आईजीआरएस की शिकायत का मौके पर निस्तारण करना था। इसलिए वह जहां-जहां कब्जा था, वहां पर जांच के लिए गए। जांच के दौरान वह मौके पर जाकर अक्षांश और देशांतर लेते हुए फोटो खींच रहे थे। इसी दौरान चार युवक आए और उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।
इसका जब उन्होंने विरोध किया तो उन्होंने इस तरह की घटना को अंजाम दिया। आशुतोष बताते हैं कि यह हमला पूरी तरह से नियोजित था। अगर पुलिस नहीं आती तो उनका बचना ही मुश्किल था।