जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। ठंड का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ अब साइनसाइटिस के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच मरीज इस बीमारी के पहुंच रहे हैं। नाक-कान गला रोग विशेषज्ञ (ईएनटी) न होने से मरीजों को दिक्कत रहती है। जनरल फिजीशियन ही इन्हें सलाह और उपचार दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एपी मिश्र का कहना है कि तापमान में गिरावट, प्रदूषित हवा और एलर्जी की समस्या इस मौसम में साइनस को अधिक प्रभावित करती है। सर्दियों में साइनसाइटिस तेजी से बढ़ता है। मरीज शुरुआत में इसे आम सर्दी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, इससे संक्रमण बढ़कर गंभीर रूप ले लेता है। समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि मरीजों का पहले एक्स-रे कराया जाता है। यदि एक्सरे से स्थिति स्पष्ट नहीं होती है तो सीटी स्कैन कराया जाता है। सीटी स्कैन में इस बीमारी की पुष्टि होती है। जो मरीज आते हैं, उनकी जांच कराकर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
यह है साइनसाइटिस : नासिका गुहा के आसपास मौजूद खोखले हिस्सों (साइनस) में सूजन या संक्रमण हो जाने को साइनसाइटिस कहते हैं। यह वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण हो सकता है। समय रहते इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।