संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में सामने आए फर्जी पासपोर्ट प्रकरण की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसमें नए खुलासे हो रहे हैं। फर्जीवाड़े में शामिल दलालों का जाल गोरखपुर व मऊ तक फैला हुआ है। इस मामले में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच एजेंसियों के राडार पर कई अन्य संदिग्ध भी हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा हीं जाएगा।
जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेज और गलत पते के आधार पर बड़ी संख्या में पासपोर्ट बनवाए गए। इनमें से कई लोग पासपोर्ट का उपयोग कर विदेश भी जा चुके हैं। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितताओं और बिचौलियों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद एक-एक कर गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दलाल, पासपोर्ट बनवाने वाले लोग जांच के दायरे में आए कुछ अन्य लोग शामिल हैं। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर कई और नाम सामने आए हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्होंने फर्जी पते या कूटरचित अभिलेखों के सहारे पासपोर्ट हासिल किया।
हाल ही में विदेश से लौटे एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावित करने और पासपोर्ट जारी कराने के पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
जिले में चर्चा का विषय बने इस मामले में जांच एजेंसियां विदेश गए अन्य लोगों का भी ब्योरा जुटा रही हैं। संबंधित विभागों से सूचनाएं मांगी गई हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी तरीके से बने पासपोर्ट का इस्तेमाल किन-किन देशों की यात्रा के लिए किया गया।
जांच के दायरे में कई और लोग ःपुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दायरे में आए कई लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारी होने की संभावना जताई जा रही है।