संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। थाना क्षेत्र के बेलौली गांव में गुरु गोरक्षनाथ मंदिर की भूमि पर बोई गई बाजरे की फसल काटने को लेकर विवाद हो गया। मंदिर के संरक्षक का आरोप है कि गांव के कुछ लोग चोरी-छिपे खेत से फसल काटकर पशुओं को खिला रहे थे।
विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और लाठी लेकर मारने के लिए दौड़ा दिया। साथ ही एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप है। पीड़ित की तहरीर पर मेंहदावल पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेलौली निवासी हनुमान गुरु गोरक्षनाथ मंदिर की भूमि के संरक्षक हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में जानकारी दी कि मंदिर के खेत में बाजरे की फसल बोई गई थी। आरोप है कि करीब एक सप्ताह से गांव के राम लौट चोरी-छिपे खेत से बाजरे की फसल काटकर पशुओं को खिला रहा था। इसकी जानकारी होने पर हनुमान फसल की निगरानी कर रहे थे।
हनुमान के मुताबिक, 12 सितंबर की सुबह करीब साढ़े छह बजे उन्होंने राम लौट को खेत में बाजरे की फसल काटते हुए देख लिया। उन्हें देखते ही वह मौके से भाग निकला। इसके बाद हनुमान उसके घर उलाहना देने पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद पवन, निकेश उर्फ झब्बर, नितेश समेत अन्य लोगों ने गाली देना शुरू कर दी और लाठी-डंडा लेकर मारने के लिए दौड़ा लिया।
धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया गया। इस दौरान एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। वह किसी तरह अपने घर लौट आए। इसके बाद आरोपितों ने अपनी बेटी और घर की महिलाओं को लाठी-डंडे लेकर उनके दरवाजे पर भेजा। वहां भी जान से मारने की धमकी देने लगे। इसका वीडियो साक्ष्य उनके पास उपलब्ध है।
मेंहदावल थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि हनुमान की तहरीर के आधार पर पांच नामजद लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।