जिला विद्युत समिति की पहली बैठक विकास भवन सभागार में हुई।
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जिला विद्युत समिति की पहली बैठक रविवार को विकास भवन सभागार में सांसद शरद त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान आधी अधूूरी तैयारी के साथ बैठक में आने पर सांसद भड़क गए और अधिशाषी अभियंता विद्युत को फटकारा। एक बार तो सांसद ने बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी, लेकिन बीच में जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने मामला संभाल लिया। उन्होंने भी एक्सईएन को फटकारा और कहा कि आइंदा से बैठक में आने से पूर्व जनप्रतिनिधियों को एक सप्ताह के पहले ही एजेंडा उपलब्ध करा दें और पूरी तैयारी के साथ आएं, ताकि सही जानकारी दे सकें।
पूर्वाह्न 11 बजे विकास भवन सभागार में जिला विद्युत समिति की बैठक शुरू हुई। बैठक शुरू होने ही सांसद ने इस बात पर नाराजगी जताई के बैठक के दिन एजेंडा उपलब्ध कराया गया। इसके बाद सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार 2.44 रुपये प्रति यूनिट बिजली देने को तैयार है, लेकिन प्रदेश सरकार रुचि नहीं ले रही है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर विद्युत की कटौती की जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के बारे में जानकारी मांगी तो बताया गया कि कुल 139 करोड़ की स्वीकृति हुई है, जिसमें प्रथम चरण में 20 करोड़ उपलब्ध हो गया है। बैठक में उपस्थित सदर विधायक डॉक्टर मोहम्मद अयूब ने ओवरलोड का मुद्दा उठाया और कहा कि पचपोखरी फीडर से मात्र चार घंटे की आपूर्ति हो रही है।
उन्होंने जानना चाहा कि जो योजना शुरू की जा रही है, उसके तहत ओवरलोड कम करने के लिए क्या उपाय होने है। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि तार व खंभे लगा दिए जाए और ओवरलोड के चलते ग्रामीणों को जो बिजली मिल रही है वह भी ठप हो जाए। इसका कोई माकूल जवाब एक्सईएन नहीं दे पाए। इसी बीच सांसद ने एक्सईएन से उनके द्वारा लिखे गए पत्र का जवाब न देने की बात कहीं। इस पर भी वह खामोश रहे तो सांसद भड़क गए। बोले, बैठक का कोई मतलब नहीं है, पहले तैयारी कर लें फिर बैठक होगी। इसके बाद डीएम ने एक्सईएन को फटकार लगाते हुए मामला शांत कराया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लाल जी यादव, अधीक्षण अभियंता एके राय, अधिशाषी अभियंता राम पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राम ललित चौधरी, राजमन यादव, महेंद्र दुबे, संतोष चौहान आदि लोग उपस्थित रहे।