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Sant Kabir Nagar News: चौपाल में नहीं बनी बात, घर लौटे नाराज किसान

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चपरा पूर्वी गांव में लगाया गया चौपाल-स्रोत ग्रामीण
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धनघटा। क्षेत्र के चपरा पूर्वी गांव में किसानों के खेतों के अभिलेख में हुई त्रुटि को दुरुस्त करने के लिए रविवार को पंचायत भवन पर चौपाल लगाई गई। यहां मौजूद राजस्व विभाग की टीम ने जब किसानों से परिवार रजिस्टर की नकल व अन्य दस्तावेज की मांग की तो किसान नाराज हो गए। किसानों का कहना था कि इतनी जल्दी सभी दस्तावेज लाना आसान नहीं है। जिस खतौनी से गाटा संख्या और नाम दर्ज करते समय त्रुटि हुई उसी खतौनी से इसे दुरुस्त किया जाए।
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चपरा पूर्वी गांव की खतौनी तहसील में जीर्णशीर्ण हालत में होने की वजह से लंबे समय तक कंप्यूटराइज नहीं हो सकी थी। इसके लिए किसानों ने संघर्ष किया तो खतौनी कंप्यूटराइज्ड तो की गई लेकिन लोगों की निजी जमीन को ग्राम समाज की जमीन में दर्ज कर दिया गया और ग्राम समाज की जमीन लोगों के भूमिधरी के रूप में दर्ज हो गई। इतना ही नहीं और वरासत, वसरयत आदि का मामला ज्यों का त्यों रह गया। जिसे दुरुस्त करने के लिए किसान फिर तहसील पर दौड़ भाग करना शुरू कर दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
परेशान किसान बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के पास पहुंचे और अपनी समस्या से डीएम को अवगत कराए। जिस पर जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि 22 फरवरी को गांव में चौपाल लगाकर किसानों की समस्या को दूर किया जाएगा। रविवार को गांव के पंचायत भवन में चौपाल लगाया गया जिसमें गांव के किसान मौजूद हुए।
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उसके बाद एसडीएम की अध्यक्षता में चौपाल का शुरुआत किया गया तो किसानों से परिवार रजिस्टर आदि तरह के अभिलेख मांगे जाने लगे। किसान हरिराम, बाबूलाल, जगदीश, राम शंकर, शिव प्रकाश, श्रीकांत आदि ने एक स्वर में कहा कि इतना जल्दी इतना कागजात लाना आसान नहीं है। सबसे अच्छा तरीका है कि जिस खतौनी से त्रुटि हुई है उसी खतौनी के माध्यम से इसे ठीक किया जाए। लेकिन जब राजस्व विभाग के लोग किसानों से बार-बार कागजात की मांग करने लगे तो नाराज होकर किसान चौपाल से चले गए।
इसके बाद राजस्व विभाग के लोग भी खाली हाथ लौटने को विवश हो गए। इस संबंध में एसडीएम डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि 25 वर्ष पुराना मामला यह है। खतौनी कंप्यूटराइज करते समय कुछ त्रुटि हुई है। इस तरह की गलती फिर न हो इसके मद्देनजर इसे तीन केटेगरी में विभाजित किया गया है। किसानों से प्रार्थनापत्र मांगा गया है। प्रार्थनापत्र मिलने के बाद पुन: 8 मार्च को गांव में चौपाल लगाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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