धर्मसिंहवा। क्षेत्र के अमरहा में विष्णु महायज्ञ में पांचवें दिन की कथा में कथा व्यास मानस मार्तंड पंडित हेमंत तिवारी ने कहा कि राम सीता विवाह सनातन धर्म में आदर्श गृहस्थ जीवन की सर्वोच्च आधारशिला है। हमारे सनातन के अनुयायी अपने जीवन में इसी का अनुसरण कर जीवन यापन करते हैं और मर्यादा की स्थापना करते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम और सीता का विवाह मात्र दो व्यक्तियों का मिलन ही नहीं अपितु कर्तव्य, सम्मान व समर्पण का प्रतीक है जो की विपरीत परिस्थितियों में भी एक दूसरे के प्रति अटूट प्रेम सिखाता है। उन्होंने भगवान राम के जनकपुर में जाना धनुष यज्ञ एवं विवाह प्रसंग का संगीतमय प्रस्तुतिकरण किया। इस दौरान धनुष यज्ञ एवं भगवान राम विवाह की कथा सुन उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए व तालियां बजाते हुए राम विवाह प्रसंग का संगीत मय कथा का आनंद उठाया ।पूरा कथा पंडाल राम मय हो उठा था। कथा में सपा नेता जयराम पांडेय, दयाशंकर पांडेय, यज्ञ आयोजक बिरेंद्र यादव, विजय बहादुर पांडेय, दशरथ पांडेय, वीर शंकर पांडेय, कमलाकांत पांडेय, कृष्ण मुरारी पांडेय, हरीराम राय, रामसजीवन शर्मा, राकेश कनौजिया आदि मौजूद रहे।