संतकबीरनगर। कड़ाके की ठंड के बीच बाजार तिल-गुड़ की महक से गमक रहा है। गलियों, चौक चौराहों और प्रमुख बाजारों में स्थायी दुकानों के साथ अस्थायी ठेलों पर तिल, गुड़, मूंगफली और चीनी से बने पारंपरिक उत्पाद सजने लगे हैं। ठंड बढ़ने के साथ इन उत्पादों की खपत में तेजी आई है।
खलीलाबाद के मुखलिसपुर तिराहा, समय जी स्थान चौक, पुरानी सब्जी मंडी आदि जगहों पर तिलपट्टी, तिल के लड्डू, रेवड़ी, गजक, रोल गजक, शाही गजक, गुड़ प्रमुख रूप से उपलब्ध हैं। भेली मंडी में गुड़, तिल की बिक्री तेज हो गई है। दुकानों पर मूंगफली चिकी आदि सजे हुए है। इसके साथ ही गंजी आदि भी बिक रहे है।
दुकानदार गिरधाली गुप्ता का कहना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने से इस साल सामग्रियों पर औसतन 10 फीसदी तक मूल्यवृद्धि है। बाजार में गजक और रेवड़ी की मांग सबसे अधिक बनी हुई है। तिल-गुड़ से बने उत्पादों का सेवन पौष्टिक माना जाता है, इसी कारण हर आयु वर्ग के लोग से पसंद कर रहे हैं। दुकानदार महेश गुप्ता ने बताया कि पूर्वांचल में बहन-बेटियों को यहां खिचड़ी भेजने की परंपरा है। इसके लिए अभी से इसकी खरीदारी शुरू कर दी गई है। दुकानदार उमेश कुमार का कहना है कि पांच जनवरी के बाद से बाजार में तेजी आने की संभावना है।