मेंहदावल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने सरकार के समक्ष पांच मांगें रखी हैं। मांग पूरी न होने के कारण लेखपाल संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अतिरिक्त गांव का चार्ज अब लेखपाल वापस कर रहे हैं। कई लेखपालों ने अतिरिक्त गांव के दस्तावेज बुधवार को तहसील में जमा कर विरोध जताया।
मेंहदावल तहसील में लेखपाल संघ के अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह तथा महामंत्री अंकित मिश्रा के नेतृत्व में लेखपालों ने सरकार के प्रति विरोध जताया। अतिरिक्त गांव का प्रभार संभाल रहे लेखपालों ने अपना बस्ता तहसीलदार के यहां जमा करते हुए सरकार के तानाशाही रवैले को लेकर नाराजगी जताई।
लेखपालों ने कहा कि सरकार से पांच मांगें हैं, जिसमें पदोन्नति सूची जारी करने, अंतर मंडलीय स्थानांतरण, विभागीय परीक्षा परिणाम एवं प्रमाणपत्र दिए जाने, भत्ता वृद्धि और भूलेख व अन्य सहायक पटलों से संबंद्ध लेखपालों को अवमुक्त किया जाना शामिल है। कहा कि अतिरिक्त गांव का प्रभार संभाल रहे लेखपालों ने बस्ता जमा कर पहले चरण का विरोध शुरू किया है। यदि सरकार नहीं चेती तो संगठन के रणनीतिकार आगे के लिए जो निर्णय लेंगे उसके अनुसार लेखपाल संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
लेखपालों ने कहा कि संगठन के निर्देश पर बुधवार को पहले चरण में विरोध जताते हुए अतिरिक्त गांव का प्रभाव संभाल रहे लेखपालों ने समस्त अभिलेखों का बस्ता तहसीलदार के पास जमा कर सरकार के क्रियाकलाप पर विरोध जताने का काम किया है। यदि सरकार मांगों को नहीं पूरा करती है तो संगठन के निर्देशानुसार लेखपाल सरकार के प्रति विरोध-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष संगठन ने लेखपालों के हित में पांच मांग रखी थी लेकिन सरकार ने उन मांगों को पूरा नहीं किया, जिसके कारण अतिरिक्त गांव का प्रभार संभाल रहे लेखपालों ने बस्ता जमा कर पहले चरण का विरोध शुरू किया है। अतिरिक्त गांव का चार्ज दे रहे हैं तो उसके लिए अलग से भत्ते का प्रावधान किया जाना चाहिए।
-अभय प्रताप सिंह, अध्यक्ष, लेखपाल संघ
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विसंगतियों को लेकर संगठन ने सरकार के समक्ष पांच मांग रखी थी, जिसमें पदोन्नति सूची, भत्ता समेत अन्य मांगें शामिल हैं। लेखपालों पर दिन प्रतिदिन बोझ बढ़ता जा रहा है। लेखपाल तनाव में हैं। ऐसे में अगर मांगें पूरी होती हैं तो हम कार्य करने को तैयार हैं।
-अंमित मिश्र, महामंत्री लेखपाल संघ