हरिहरपुर। धनघटा क्षेत्र के पारा निहइला गांव में एक ही जमीन का तीन बार बैनामा हो गया। बैनामेदार महिला को पांच साल बीत जाने के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। महिला ने अधिकारियों की मनुहार की, लेकिन किसी ने उसकी पीड़ा नहीं सुनी।
पीड़ित महिला ने थाने से लगायत संपूर्ण समाधान दिवस पर और जिले के अफसरों की चौखट पर अपनी पीड़ा सुनाई, लेकिन उसकी फरियाद अनसुनी कर दी गई। थक-हारकर पीड़िता मीना पत्नी हरिप्रसाद ने सूचना आयोग की शरण ली है। फिर भी सूचना मुहैया कराने में हीलाहवाली की जा रही है।
महुली क्षेत्र के जमुहट गांव की मीना ने बताया कि पांच साल पहले धनघटा क्षेत्र के निहइला (पारा) गांव में सात लाख रुपये में ढाई बिस्वा जमीन खरीदी थी, लेकिन अबतक उस जमीन पर उसे कब्जा नहीं मिल सका है। मीना के पति हरिप्रसाद का कहना है कि वह थाना दिवस से लगायत तहसील दिवस पर जिम्मेदारों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि जिसकी जमीन उसने बैनामा ली है वह मटिहना गांव का रहने वाला है। बैनामेदार भू-माफिया किस्म का व्यक्ति है। पीड़ित का कहना है कि जिस जमीन को उसने खरीदा है, उसी जमीन का अबतक तीन बार बैनामा अन्य लोगों को भी कर दिया गया है। हरिप्रसाद ने बताया कि मामले में तहसील के जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया है। अब मामले की सुनवाई आयोग में चल रही है।