संतकबीरनगर। जल जीवन मिशन के तहत जिले के 171 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के जरिए घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। परियोजनाओं को मार्च 2023 में ही पूर्ण हो जाना था, लेकिन कार्य की सुस्त रफ्तार के चलते अभी तक 60 फीसदी ही काम हो पाया है। इधर गर्मी में जनता परियोजनाओं के पूरा होने की आस लगाए रही, पर टोटियां सूखी ही रह गई। अब शासन ने अगस्त तक का मौका दिया गया है, लेकिन कार्य की गति निर्माण कार्य को पूरा होने को लेकर इसमें भी संशय बना हुआ है।
गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए जल निगम ने 171 परियोजनाओं पर कार्य शुरू कराया। इन परियोजनाओं को मार्च 2023 में पूर्ण करा लिया जाना था। करीब एक साल से अधिक समय से शुरू हुए कार्य के बावजूद कार्य की प्रगति काफी धीमी है। स्थिति यह है कि 117 परियोजनाओं का कार्य अभी तक 50 से 60 फीसदी ही पूरा हो पाया है। इसमें चकदही, बनकटवा आदि शामिल हैं। ऐसे में गर्मी का अधिकतर समय बीत गया है और लोगों के घरों पर लगी पानी की टोटियां सूख्री पड़ी हुई है। यही नहीं गांवों में पाइप लाइन बिछाने के दौरान कई जगहों पर सड़क की खुदाई करने से आने-जाने में भी लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
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पूर्व में बनी परियोजनाएं भी शुरू नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में बनकर तैयार परियोजनाएं भी शुरू नहीं हो पाई है। कारण यह है कि टेस्टिंग में ही पाइप लाइन लीकेज कर रहा है तो कहीं तकनीकी दिक्कत है। खलीलाबाद क्षेत्र के बनियाबारी में बना ओवर हेड टैंक और लगाई गई टोटियां बेेकार पड़ी हुई हैं। बार-बार लीकेज के कारण जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसी प्रकार धनघटा क्षेत्र के छपरा पूर्वी, मुंडेरा शुक्ल, बभनौली, रामपुर उत्तरी, सेमरडाड़ी, प्रजापतिपुर, जिगिना में पानी की टंकी बनी है, लेकिन टेस्टिंग में ही फेल हो जाने से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
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नई परियोजनाओं को सोलर लाइट से मिलेगी बिजली
शासन से स्वीकृति जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें सोलर पैनल से बिजली की आपूर्ति होनी है। इसके लिए सोलर पैनल लगा दिए गए हैं। इससे बिजली न रहने पर भी पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक 60 से अधिक परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है। शेष परियोजनाओं को दो से तीन माह में पूर्ण करा लिया जाएगा। इससे पेयजल की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
-संजय जायसवाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम