बुनकरों के लिए स्वतंत्र फीडर की आस अधूरी
छह करोड़ की लागत से बरईपार में बन रहा विद्युत उपकेंद्र अधूरा
50 हजार बुनकरों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी
संतकबीरनगर। वर्तमान में बुनकर उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। इसमें सबसे बड़ी बाधा बिजली की है। बखिरा क्षेत्र के बरईपार में छह करोड़ रुपये की लागत से बुनकरों के लिए स्वतंत्र फीडर बनाया जा रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। तीन माह में पूरा होने वाले कार्य में नौ माह लग गए। इसके बाद भी विद्युत उपकेंद्र पूर्ण नहीं हो सका है।
जनपद में करीब 50 हजार बनुकर रहते हैं। इनका मुख्य पेशा बुनकरी है। बिजली की समस्या की वजह से इनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। बखिरा क्षेत्र के लेडुआ महुआ, अमरडोभा आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बुनकर इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण से इस क्षेत्र के बुनकरों को सीधा लाभ होगा, लेकिन जो गति है, इससे बुनकरों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।
बुनकर हाजी इमामुद्दीन, इसहाक अंसारी आदि ने कहा कि बरईपार में बुनकरों के लिए बन रहा विद्युत उपकेंद्र बिजली की समस्या को दूर करने में काफी सहायक होगा, लेकिन यह कब पूरा होगा, यह सवाल बना हुुआ है।
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कोट
बरईपार में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द यह बनकर तैयार हो जाएगा। इससे बुनकरों को निर्बाध बिजली मिलेगी।
-सरोज कुमार, अधिशाषी अभियंता, विद्युत निगम