संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अनजान बाशिंदों के बढ़ते डेरे को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम में बदलाव के साथ ही इन अस्थायी ठिकानों पर अनजान लोगों के जमावड़े को लेकर लोग किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।
हालांकि, इन लोगों की मौजूदगी मात्र से किसी अपराध में उनकी संलिप्तता साबित नहीं होती लेकिन विगत वर्षों में चोरी की वारदातों को लेकर पुलिस सत्यापन और निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।
शहर के आसपास कई स्थानों पर बाहरी लोग अस्थायी रूप से डेरा जमाए हुए हैं। टेंट लगाकर रहने वाले इन परिवारों की पहचान, उनके यहां आने के उद्देश्य और ठहरने की अवधि को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्गों के किनारे इस तरह अस्थायी ठिकाने बनने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है।
खासकर रात के समय इन स्थानों पर गतिविधियों की निगरानी और संदिग्ध परिस्थितियों की जांच की जरूरत बताई जा रही है।खलीलाबाद शहर के डीघा में चोरी के मामले में आगरा निवासी एक व्यक्ति के पकड़े जाने और अन्य के फरार होने की बात सामने आने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि चोरी की वारदात से जुड़े कुछ लोग इलाके में घूमकर रेकी भी कर रहे थे। ऐसे में स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि शहर और आसपास अस्थायी रूप से रह रहे बाहरी लोगों का पुलिस की ओर से सत्यापन कराया जा रहा है या नहीं।
डीघा की वारदात और सड़क किनारे डेरा डालकर रह रहे सभी लोगों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।