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Sant Kabir Nagar News: औरही गांव से शुरू हुआ था धर्म परिवर्तन का खेल

Mon, 07 Oct 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- केरल के दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा था जेल
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- शिकायत मिलने पर पुलिस कई दिनों से कर रही थी रेकी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। क्षेत्र के औरही में दिसंबर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था। इसके बाद केरल के दंपती गिरफ्तार हुए थे। उसके बाद जिले में धर्म परिवर्तन का मामला नहीं थमा। पुलिस को गरथवलिया गांव में एक बार फिर से धर्म परिवर्तन की सूचना मिली। पुलिस ने पहले रेकी की साथ ही गोपनीय जांच में मामला सही पाए जाने के बाद छापा मारकर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया।
बघौली क्षेत्र के औरही गांव में केरल के दंपती ने आकर पहले डेरा जमाया। इसके बाद धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन कराने का काम शुरू कर दिया। दिसंबर माह में मेंहदावल क्षेत्र निवासी ने शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने औरही गांव में छापा मार कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया। पुलिस ने मामले में केरल के दंपती को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस शांत हो गई।
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इसके बाद कोतवाली क्षेत्र के गरवलिया गांव में धर्म परिवर्तन की सूचना के बाद पुलिस ने गोपनीय जांच कराने के साथ ही रेकी की। मामला सही मिलने पर ताबड़तोड़ छापा मारकर कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी।

टिन शेड के मकान में चल रहा था धर्म परिवर्तन
पुलिस के अनुसार गांव के बाहर नहर पुलिया के पास टिन शेड के मकान में एक ही बिरादरी के लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। महिला व पुरुष को लालच देकर प्रार्थना सभा में बुलाकर धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन किया जाता था।

रविवार को होता था भंडारे का आयोजन
धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग सप्ताह में कई दिन प्रवचन का कार्यक्रम करते थे। सप्ताह में एक दिन भंडारे का आयोजन होता था। बदल-बदल कर भोजन बनवाने और खिलाने का काम होता था। दूसरे धर्म की निंदा करके अपना धर्म सही बताकर लोगों को भ्रमित किया जाता है।
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औरतों से उतरवा लिए जाते थे जेवरात
पुलिस जांच में पाया गया कि धर्म सम्मेलन में शामिल होने आने वाली महिलाओं के जेवरात उतरवा लिए जाते थे। उनके बिछिया, पायल, गले में पहने लाॅकेट, मंगलसूत्र आदि उतरवाने के साथ हाथ में पहने रक्षा सूत्र को कटवा दिया जाता था। इसके बाद उन्हें प्रार्थना सभा में शामिल होने की अनुमति दी जाती थी।
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