सूर्यग्रहण केवल पश्चिमी देशों में दिखेगा, इस साल दो चंद्रग्रहण लगेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सोमवार को लगने वाले साल के पहले सूर्यग्रहण का भारत में असर नहीं रहेगा। इस कारण सूतक प्रभावी नहीं होगा। मंदिरों के पट भी बंद नहीं किए जाएंगे। सूर्यग्रहण केवल पश्चिमी देशों में दिखेगा। वर्ष का पहला सूर्यग्रहण भारत में न दिखने के कारण इसका यहां कोई असर नहीं होगा। मंदिरों में पूजा-पाठ पूर्व की भांति चलती रहेगी।
समय माता मंदिर के पुरोहित पंडित राधेश्याम पांडेय के मुताबिक सोमवार को सूर्यग्रहण लगेगा, लेकिन ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। मान्यता के मुताबिक जहां सूर्यग्रहण दिखाई देता है वहीं सूतक लगता है। उसका असर वहीं लागू होता है। इसके अलावा इस वर्ष दो चंद्रग्रहण लगेंगे। इसमें चंद्रमा की चमक थोड़ी मलीन दिखाई देती है।
इसके अलावा पंडित भैरवनाथ मिश्र के मुताबिक सोमवार लगने वाला सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। यह पश्चिमी देशों में होगा। इस ग्रहण की अवधि 5 घंटा 10 मिनट होगी। इस कारण मंदिरों के पट बंद नहीं किये जाएंगे। सूर्य ग्रहण सूतक प्रभावी होता है जिसमें मंदिर में प्रवेश करना, मूर्ति का स्पर्श करना, भोजन करना वर्जित है। सूतक के समय भोजन सामग्री जैसे दूध, दही, घी आदि में कुश रख देना चाहिए लेकिन जहां सूर्य दिखाई देता है। वहीं सूतक के नियम कायदे प्रभावी होते हैं।