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पहले छाई मायूसी, फिर खिले चेहरे

Mon, 11 Jul 2016 11:09 PM IST
sant kabir nagar
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ओपेक कैली अस्पताल मेंे मंत्री और उनके समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
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मारपीट के मामले में कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में शुक्रवार को जेल भेजे गए प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई हुई। 
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 इस दौरान बड़ी संख्या में सपा नेता और मंत्री समर्थक कोर्ट परिसर में डटे रहे। वहीं पूर्व सांसद भालचंद यादव समर्थकों के साथ लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर जमे रहे और पल-पल की जानकारी लेते रहे। पहले जब करीब एक बजे सीजेएम कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे मंत्री समर्थकों में मायूसी छा गई, वहीं करीब साढ़े तीन बजे एडीजे कोर्ट से जमानत मिलने की खबर मिलते ही समर्थकों में खुशी छा गई।

सोमवार सुबह कोर्ट खुलने के साथ ही खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री के बेल पर सुनवाई को लेकर अटकलें लगने लगी। जितने लोग उतने प्रकार की बातें कहीं जा रही थी, लेकिन जब यह पता चला कि मंत्री के मामले में सुनवाई शुरू हो गई है तो तमाम लोग न्यायालय परिसर पहुंच गए। इस बीच पूर्व सांसद भालचंद यादव, सपा नेता बृजभूषण पांडेय, ब्रह्माशंकर भारती सहित तमाम लोग डाक बंगले पर जमे रहे। इस दौरान पूर्व सांसद पल-पल की जानकारी लेते रहे। परिसर में मौजूद लोगों को फोन कर जमानत के बारे में पूछते रहे। 
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शाम को मंत्री के जमानत को मंजूर किए जाने की सूचना मिलते ही खुशी का माहौल बन गया। लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी। साथ ही आदेश की कापी लेकर जल्द से जल्द जेल तक पहुंचाने के लिए रणनीति तैयार हुई। बाद में लोग बस्ती के लिए रवाना हो गए।
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