इंड्रस्टीयल एरिया में स्थित फायर स्टेशन।
संतकबीरनगर। गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इन घटनाओं को लेकर फायर विभाग के इंतजाम नाकाफी हैं। मेंहदावल और धनघटा में अग्निशमन केंद्र सीमा पूरी होने के बाद भी पूरे नहीं हो पाए हैं। दमकल विभाग के पास कुल 9 वाहन और सिर्फ 6 ड्राइवर हैं। इनमें से भी दो की ड्यूटी बाहर लगी है।
आठ थाने वाले इस जिले में कुल आग बुझाने के लिए कुल पांच वाटर टैंकर वाले अग्निशमन यंत्र हैं। वहीं चार छोटे वाहन भी हैं, जो फायर फाइटिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं। 3 वाटर पंप गाड़ियां भी हैं, जो बड़ी गाड़ियाें के साथ ही अटैच हैं। वहीं जिला मुख्यालय पर 5 फायर हाइडेंट हैं। इन फायर हाईडेंट के जरिए आग लगने पर टैंकरों को भरा जाता है।
पांच बड़े फायर टैंकरों में से एक मेंहदावल तहसील क्षेत्र में तथा दूसरा धनघटा तहसील क्षेत्र में रहता है। वहीं तीन फायर टैंकर जिला मुख्यालय पर रहते हैं। विभाग के पास वाहनों को चलाने के लिए कुल छह ड्राइवर हैं। इनमें से मात्र चार ड्राइवर ही काम पर रहते हैं। दो ड्राइवरों में से एक की ड्यूटी कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगी हुई है, जबकि दूसरे की बस्ती में लगी हुई है।
जिले में सिर्फ एक लीडिंग फायर मैन और 29 फायरमैन हैं। वहीं गलियों में लगी आग को बुझाने के लिए एक बुलेट भी शासन से मिली हुई है। यह बुलेट किसी भी गली में चली जाएगी।