गोरखपुर जिले के सहजनवा क्षेत्र के केशवपुर निवासी सुनील कुमार गौड़ का आरोप था कि वह एसकेएस माइक्रो फाइनेंस कंपनी में पिछले सात साल से कार्यरत है। वर्तमान में काली मंदिर बगहिया रोड खलीलाबाद की शाखा पर वह शाखा प्रबंधक के पद कार्य कर रहे है।
एसकेएस माइक्रोफाइनेंस पूरे देश में कार्य करती है और आरबीआई से मान्यता प्राप्त संस्था है। आरबीआई के जरिए बनाए गए नियमों के आधार पर गरीब महिलाओं को समूह के माध्यम से सस्ते ब्याज पर छोटा लोन प्रदान करती है। इसमें सदस्य अथवा उनके पति स्वत: रोजगार करके आपसी सहयोग के माध्यम से साप्ताहिक किश्त अदायगी की प्रक्रिया है। संस्था सदस्यों के फोटो युक्त पता व पहचान पत्र के आधार पर ऋण वितरण करती है। यह काम संस्था के फील्ड कर्मचारियों के जरिए किया जाता है।
खलीलाबाद शाखा से करीब 126 गांव में समूह बना कर ऋण वितरण किया गया है तथा उनकी अदायगी समयानुसार हो रही है। आरोप है कि उन्हीं समूहों में पांच समूूह ग्राम फैलवा, देईसांड प्रथम, देईसांड द्वितीय, धुसनाखोर एवं दुबौली में उनके कर्मचारी धर्मेंद्र गिरी निवासी पडरी जनपद रामकोला कुशीनगर एवं देवेश कुमार सिंह निवासी साल्हेपुर संगड़ी जिला आजमगढ़ ने संगम बनाया हुआ है। ऋण वितरण पूर्ण कागजी कार्रवाई के साथ किया गया है। ऋण अदायगी भी समय के अनुसार चल रहा था। आरोप था कि 30 दिसंबर 2015 को जब वह खुद किश्त अदायगी के लिए गए तो वहां पर सभी सदस्यों ने कहा कि उनकी संस्था से पैसा मिला है, लेकिन वह पैसा उन्होंने अपने समूह लीडर एवं उनके पति के बहकावे में आकर पचराम निवासी कबरा जिला बस्ती को दे दिया है। इसमें प्रत्येक समूह के संगम लीडर एवं उनके पति सम्मिलित है। संगम संख्या 134 देईसांड शीला देवी पत्नी जितेंद्र, संगम संख्या 141 दुसनाखोर, मंजू देवी पत्नी सुरेंद्र कुमार, संगम संख्या 145 देईसांड द्वितीय सोनू पत्नी गिरजेश, संगम संख्या 140 दुबौली कला शीलावती पत्नी शिव प्रसाद, संगम संख्या 129 फैलवा ख्ररपाती पत्नी राजकुमार द्वारा कुल 1379807 रुपये सेंटर लीडर एवं सदस्यों के जरिए पचराम को देना बताया जा रहा है। पंचराम संस्था के कर्मचारियों एवं सदस्य पति रोशन लाल के साथ संगम में जाते थे। रोशन लाल और शिव प्रसाद के बहकवाए में आकर लोगों ने पचराम को पैसा दे दिया।
आरोप था संस्था का बकाया धनराशि 1379807 का गबन पचराम एवं सेटर लीडर के पतियों के मेलजोल से किया गया है। पचराम संस्था के कर्मचारियों के साथ संगम पर गए थे,ऐसे में कर्मचारियों की भी लापरवाही साबित होती है। प्रभारी कोतवाल दिनेश यादव ने बताया कि संस्था के शाखा प्रबंधक की तहरीर पर शीला देवी, मंजू देवी, सोनू, शीलावती, खरपाती, पंचराम, रोशन लाल, शिव प्रसाद, धर्मेद्र गिरी और देवेश कुमार सिंह के खिलाफ गबन का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
कंपनी के अधिकारी ने बताया कि खलीलाबाद में वर्ष 2008 से कार्य कर रही है। गरीब महिलाओं को अपने पैरो पर खड़ा होने के लिए समूह का गठन कर उन्हें 10 फीसदी ब्याज पर लोन मुहैया कराई जाती है। एक समूह में 20 महिलाएं होती है। एक महिला को 15 से 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। रुपये के गबन में सेंटर के लीड और उनके पति पर मुकदमा दर्ज किया गया है।