जंगली जानवर का खौफ, रतजगा कर रहे ग्रामीण
बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे घरों में रहने के बावजूद नहीं सो पा रहे पूरी नींद
सेमरियावां(संतकबीरनगर)। तीन दिन बाद भी जंगली जानवर के नहीं पकड़े जाने की वजह से मदारपुर, गरथवलिया समेत आसपास के ग्रामीण खौफजदा हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे घरों में रहकर भी भरपूर नींद नहीं सो पा रहे हैं। युवा वर्ग टोलियों में रतजगा करते हैं। वन विभाग की टीम जंगली जानवर को फिशिंग कैट बताकर तलाश करने में जुटी है।
रविवार शाम सात बजे गरथवलिया गांव निवासी 50 वर्षीय रामदीन और उनकी 45 वर्षीय पत्नी उर्मिला खेत में पानी चला रही थीं। उसी दौरान जंगली जानवर ने हमला कर दंपती को घायल कर दिया था। बाद में मदारपुर गांव में पहुंच कर तीन बच्चे समेत सात अन्य लोगों को हमला कर दिया था। मदारपुर गांव के मेराज खान, मोहम्मद सलमान, सैफुल इस्लाम, हमीद, मोहम्मद यासिर, राम नरेश, प्रदीप कुमार, ग्राम प्रधान पति जुल्फेकार अली उर्फ भुट्ट व दरियाबाद के किफायतुल्लाह पप्पू आदि ने बताया कि जंगली जानवर का खौफ ग्रामीणों के दिलों दिमाग पर छा गया है।
अब तक जंगली जानवर के नहीं पकड़े जाने की वजह से गांव में दहशत का माहौल है। लोगों ने बताया कि बीएमसीटी मार्ग पर दुधारा चौराहे के पश्चिम तरफ एक जानवर मरा हुआ मिला है। आसपास के गांवों में मृत हाल में मिले जानवर को फिशिंग कैट होने की सूचना फैल गई। जानवर को देखने के लिए भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जानवर को कब्जे में लेकर वन विभाग को सौंप दिया।
वन दरोगा राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गांव में टीम जुटी है। शाम में मदारपुर में एक चहारदीवारी में गांव वालों को एक फिशिंग कैट जैसा जंगली जानवर दिखाई दिया। टीम बगल के मदारपुर गांव में चली गई थी, जब तक टीम आती तब जंगली जानवर निकल गया। टीम जंगली जानवर को देख नही सकी। गांव वालों के बताने के अनुसार फिशिंग कैट ही है। गांव में जंगली जानवर के पद चिह्नों और हमला के तरीके से भी फिशिंग कैट लग रहा है।
एसओ सर्वेश राय ने बताया कि सुबह में बीएमसीटी मार्ग के किनारे एक जानवर मरा हुआ मिला। जानवर का शव पोस्टमार्टम एवं अन्य जांच के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है। जब तक कुछ पता नही चल जाता है। सभी को घरों में रहेने का सुझाव दिया गया है।
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कोट
शाम में फिशिंग कैट जैसा जंगली जानवर दिखाई दिया है। सुबह में सड़क के किनारे जंगली जानवर मरा हुआ मिला। इसका पोस्मार्टम कराया गया। वह खेत में रहने वाली बड़ी बिल्ली है। जब तक जंगली जानवर पकड़ा नहीं जाता, तब-तक वन विभाग की टीम मदारपुर और आसपास के गांवों में कैंप करती रहेगी।
- जेपी श्रीवास्तव, डीएफओ