संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मेंहदावल बाईपास पर सेफ सिटी के तहत सुंदरीकरण के कार्य कराए गए। मंशा थी कि इससे शहर स्मार्ट और व्यवस्थित दिखेगा लेकिन बनने के बाद से उपेक्षा के चलते स्मार्ट सिटी का ख्वाब टूटने लगा है। स्थिति यह है कि जगह- जगह रेलिंग टूट गई है। यहां न तो फव्वारा चल रहा है और न ही यातायात व्यवस्था ही दुरुस्त हो पाई है।
शहर को स्मार्ट लुक देने के लिए जिला प्रशासन की पहल पर मेंहदावल बाईपास चौराहे और मार्ग के सुंदरीकरण का कार्य कराया गया। यहां दोनों तरफ रेलिंग लगाई गई और पाथवे बनाए गए, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो। साथ ही वाटर कूलर, रंगीन फव्वारा और लखनऊ की तर्ज पर झूमर लाइटें लगाई गईं।
इसके साथ ही यातायात व्यवस्था के दृष्टिकोण से क्षेत्र को नो पार्किंग जोन घोषित किया गया। वर्तमान में देखरेख के अभाव में यहां की सूरत बिगड़ती जा रही है। एक तरफ जहां नो पार्किग जोन में वाहन खड़ा कर सवारियां भरी जा रही हैं, इसके कारण आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वहीं रेलिंग जगह- जगह टूट गई है। यहां लगा रंगीन फव्वारा चालू होने के कुछ दिनों के बाद से ही बंद है।
इसके आसपास ठेले पर दुकानें लग रही हैं। पैदल यात्रियों के बने पाथवे पर लोगों ने ठेला लगाकर कब्जा कर रखा है। इसके कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके बाद भी इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
इस क्षेत्र के निवासी राकेश कुमार, मनोज कुमार आदि ने बताया कि उपेक्षा के कारण यहां की खूबसूरती बिगड़ रही है। इससे स्मार्ट शहर बनाने का ख्वाब टूटने लगा है। लोगों ने यहां की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। व