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Sant Kabir Nagar News: मूर्ति विसर्जन के लिए जिले को 56 सब सेक्टर में बांटा

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संतकबीरनगर। दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। जिले में रखी गईं मां दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात सुचारु बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले को तीन जोन, आठ सेक्टर और 56 सब सेक्टर में बांटा किया गया है।
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मुख्यालय स्तर पर 13 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में करीब डेढ़ हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा डेढ़ सेक्शन पीएसी भी सुरक्षा में लगाई गई है। जिले में कुल 1385 मां दुर्गा की मूर्तियां रखी की गई हैं। इनमें से अधिकतर मूर्तियों का विसर्जन 20 और 21 अक्तूबर को किया जाना है।
इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी विसर्जन मार्गों, घाटों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों, फायर ब्रिगेड और पथ प्रकाश की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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जिले में मूर्ति विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले को तीन जोन, आठ सेक्टर और 56 सब सेक्टर में बांटा गया है। जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में थानावार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके लिए नौ थाना प्रभारी, 17 निरीक्षक, 168 उपनिरीक्षक, 627 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, 115 महिला आरक्षी और 201 होमगार्ड, पीआरडी तथा वॉलंटियर शामिल हैं। इसके अलावा 13 क्यूआरटी, 19 रिजर्व क्यूआरटी, डेढ़ सेक्शन पीएसी और चार फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है।
पुलिसकर्मियों को अपने निर्धारित ड्यूटी पॉइंट पर समय से पहुंचने और विसर्जन जुलूस के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के साथ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की तैयारी की गई है।

20 और 21 अक्तूबर को विसर्जन को लेकर विशेष सतर्कता
नवरात्र के दौरान जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन निर्धारित घाटों, नदियों, तालाबों और पोखरों में कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार 20 और 21 अक्तूबर को अधिक संख्या में मूर्तियों के विसर्जन की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आयोजकों से संपर्क कर जुलूस मार्ग, समय और विसर्जन स्थल की जानकारी जुटाई जा रही है।

विसर्जन मार्गों पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने, वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
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सोमवार दोपहर से रूट डायवर्जन, शहर में भारी वाहनों पर रोक
मूर्ति विसर्जन के मद्देनजर खलीलाबाद शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सोमवार की दोपहर से रूट डायवर्जन लागू किए जाने की तैयारी है। मेंहदावल बाईपास पर बड़े वाहनों को रोकने के साथ शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही नेदुला और मोती चौराहा की ओर से भी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
यातायात पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि विसर्जन जुलूस के मार्ग पर वाहनों का दबाव न बढ़ने दिया जाए। जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। शहर में आने-जाने वाले लोगों को भीड़ और जाम से बचने के लिए रूट डायवर्जन का पालन करने की सलाह दी गई है।
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इन स्थानों पर विसर्जित होंगी मूर्तियां
-खलीलाबाद क्षेत्र में आमी नदी के मगहर, अजगईबा घाट, बालूशासन घाट, बुधा कला, चंगेरा, मंगेरा और कोनी घाट सहित विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा।
-दुधारा क्षेत्र में कठिनईया पुल, सिकरिया नाला, भगौसा घाट, टिकरिया पुल और राजघाट पुल सहित निर्धारित स्थानों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
-धनघटा क्षेत्र में बिड़हर घाट, कटार मिश्र घाट, मुखलिसपुर, प्रजापतिपुर, कुआनो नदी घाट, सिकरीगंज पुल, सांखी घाट और मुड़ाडीह घाट समेत अन्य चिह्नित स्थलों पर प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा।
-महुली, मेंहदावल, बखिरा, बेलहर कला और धर्मसिंहवा क्षेत्रों में भी घाटों, तालाबों और पोखरों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

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घाटों पर गोताखोर और फायर ब्रिगेड की रहेगी व्यवस्था
विसर्जन के दौरान नदी और तालाबों में हादसों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों की तैनाती के साथ फायर ब्रिगेड की व्यवस्था रहेगी। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान से ही प्रतिमाओं का विसर्जन कराने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घाटों पर भीड़ को पानी के गहरे हिस्से तक जाने से रोका जाए। विसर्जन के दौरान बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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संवेदनशील स्थानों पर रहेगी विशेष निगरानी

विसर्जन मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। भीड़भाड़ वाले चौराहों, जुलूस मार्गों और घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी है। क्यूआरटी को जरूरत पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन का जोर है कि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। आयोजकों से भी निर्धारित मार्ग और समय का पालन करने, जुलूस में अनुशासन बनाए रखने तथा पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी तैयारियों का उद्देश्य दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

मूर्ति विसर्जन को लेकर सुरक्षा व शांति व्यवस्था की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस टीम हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। विवादास्पद परिस्थिति उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-सुशील कुमार सिंह, एएसपी
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