संवाद न्यूज एजेंसी महुली/रोसया बाजार। जिले में सरयू नदी खतरे के निशान से सिर्फ 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इसके चलते लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है। इन गावों में रहने वाले लोगों की नजरें बंधे पर टिकी हुई हैं। बांधों से टकरा रही नदी की धारा से ग्रामवासी सहम जा रहे हैं। वे बांधों पर लकड़ी गाड़कर जलस्तर का आंकलन करने में लगे हुए हैं। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
शनिवार की शाम चार बजे तक सरयू खतरे के निशान से सिर्फ 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। वहीं नदी की धारा लगातार बांधों से टकरा रही है। एमबीडी बांध के 32 किलोमीटर के इलाके में कोई भी ऐसी जगह नहीं बची है जहां बांधों तक सरयू का पानी न पहुंच गया हो। बंधे पर हर जगह सरयू का पानी बांधों से टकरा रहा है। लगातार वह किसानों की फसलों को अपनी चपेट में ले रहा है। नदी और बंधे के बीच उथले इलाके में बोया गया धान, गन्ना, परवल व अन्य सब्जियों की खेती लगातार डूब रही है।
वहीं नदी और बंधे के बीच बसे गांवों में जाने वाले रास्तों पर लगातार पानी बढ़ रहा है। खालेपुरवा, तुर्कवलिया, माझा चहोड़ा, माझा खड़कपुर, भिखारीपुर, कंचनपुर, ढोलबजवा समेत अन्य गांवों में पानी बढ़ गया है, रास्ते डूब गए हैं। बंधे पर लगातार ड्रेनेज खंड के अधिकारी व कर्मचारी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह बताते हैं कि बंधे को अभी कोई खतरा नहीं है। हर जगह पूरी तरह से बेहतर इंतजाम किए गए हैं। बंधा कहीं भी ओवरफ्लो होने की स्थिति में अब तक नहीं है। वहीं पेट्रोलिंग भी लगातार चल रही है। नदी की स्थिति पर हम लोग नजरे गड़ाए हुए हैं।
कुल मिलाकर नदी का बढ़ता जलस्तर नदी और बंधे के बीच में रहने वाले लोगों को तो बेचैन किए ही है, बंधे के इस पार रहने वाले भी बेचैन दिख रहे हैं। नदी के बढ़ने का क्रम लगातार जारी है। लेकिन अभी कहीं भी बंधे में रिसाव के साथ ही दबाव की स्थिति नहीं दिख रही है।