माैजूदा साल में अब तक महज 287 लोगों ने लिया पसंदीदा नंबर, वर्ष 2023 में 437 ने लिए थे गाड़ी के लिए वीआईपी नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गाड़ियों के लिए वीआईपी नंबर लेने का क्रेज घट रहा है। आठ माह में 47 वीआईपी नंबर ही बिके हैं, जबकि कुल 287 लोगों ने च्वाइस नंबर लिया है। इनमें 01 और 786 को सिर्फ तीन लोगों ने पसंद किया है। लोगों का वीआईपी नंबरों के प्रति रुझान कम हो रहा है। वर्ष 2023 में 437 और 2022 में 242 लोगों ने च्वाइस नंबर लिया था।
एक समय था जब वाहनों पर वीआईपी नंबर लेने के लिए लोग सिफारिश लगवाते थे। इसके लिए विभाग को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। वीआईपी नंबरों के बढ़ते क्रेज को देखते हुए विभाग ने शुल्क तीन हजार रुपये से एक लाख रुपये तक कर दिया है। साथ ही ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी विभाग की तरफ से कर दी गई है। निर्धारित शुल्क का भुगतान करके कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन नंबर बुक कर सकता है। इसके बाद उनके वाहनों पर एजेंसी के माध्यम से नंबर अंकित हो जाता है।
इधर जब से ऑनलाइन व्यवस्था हुई है तब से गाड़ियों पर वीआईपी और च्वाइस नंबर के लिए सिफारिश भी काफी कम हो गई है। इससे विभाग के राजस्व में जहां बढ़ोतरी हुई है वहीं बढ़े रेट की वजह से हर कोई वीआईपी नंबर लेने से परहेज कर रहा है। विभाग के जानकारों की मानें तो आठ माह में 287 लोगों ने च्वाइस नंबर लिया है। इनमें 47 ऐसे लोग रहे जिन्होंने वीआईपी नंबर चुना है।
वीआईपी नंबर के लिए ऐसे करें आवेदन
वीआईपी नंबर के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए सबसे पहले आपको सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट fancy.parivahan.gov.in जाना होगा। यहां पर पंजीकरण करने के बाद आवेदक को फीस भुगतान करना होगा। फीस जमा करने के बाद चुने गए नंबर की नीलामी में हिस्सा लेकर आवेदक वीआईपी नंबर ले सकता है। इसमें कई कैटेगरी में नंबरों को रखकर उनकी कीमतें तय की गई हैं।
वीआईपी नंबर के लिए अब किसी भी सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन आवेदन करके निर्धारित शुल्क जमा कर कोई भी नंबर आसानी से लिया जा सकता है।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ