धनघटा। क्षेत्र के दुघरा उर्फ खैरा में सोमवार को चकबंदी विभाग के तत्वावधान में चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 12 मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शेष मामले एक सप्ताह के भीतर निस्तारित किए जाएंगे। क्षेत्र के संठी गांव निवासी 47 वर्षीय किसान प्रभुनाथ प्रजापति ने इस कारण खुदकुशी की थी कि चकबंदी विभाग के लोग उनका उड़ान चक ताल में ले जाकर कर दिए थे। जिसे पुराने स्थान पर स्थापित करने के लिए प्रभुनाथ परेशान थे, लेकिन चकबंदी विभाग के लोग उनकी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे थे। प्रभुनाथ की मौत के बाद चकबंदी विभाग में हड़कंप मच गया।
इस मामले में शासन ने सहायक चकबंदी अधिकारी रामदरश और लेखपाल रामप्रवेश यादव को निलंबित कर दिया। चकबंदी विभाग के आयुक्त ने चकबंदी अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस तरह घटना की पुनरावृति न होने पाए। इसके लिए जिन ग्राम पंचायत में चकबंदी प्रक्रिया प्रचलित है वहां पर चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाए। चकबंदी आयुक्त के आदेश पर सोमवार को दुघरा उर्फ खैरा में चकबंदी विभाग ने चौपाल का आयोजन किया। जिसमें हिस्सा और वरासत से संबंधित कुल 15 मामले आए, जिसमें 12 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। चकबंदी अधिकारी एस मोहम्मद ने बताया कि शेष तीन मामले जल्द ही निस्तारित कर दिए जाएंगे। जिन गांवों में चकबंदी से संबंधित समस्या है उन गांव में चौपाल लगाकर समस्या का निराकरण किया जाएगा। इस मौके पर सहायक चकबंदी अधिकारी अवधेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।