जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम जनवरी 2016 से लागू हो गया है। इसके तहत अंत्योंदय अन्न योजना के तहत बने राशन कार्डों पर 10 किलो ग्राम गेहूं 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से तथा 25 किलो चावल तीन रुपये प्रति किलोग्राम दर से प्रत्येक कार्डधारक को दिया जाएगा।
जबकि पात्र गृहस्थी के तहत कार्डधारकों को दो किलो ग्राम गेहूं व तीन किलों ग्राम चावल प्रति यूनिट देय होगा । चीनी अंत्योंदय व बीपीएल कार्डों पर 700 ग्राम प्रति यूनिट 13.50 प्रति किलो ग्राम लिया जाएगा । जबकि मिट्टी का तेल एपीएल, बीपीएल व अंत्योंदय कार्ड धाराकों को दो से तीन लीटर दिया जाएगा । जिसका दर 16.20 से 10.40 पैसे प्रति लीटर दूरी के अनुसार लेने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 65 प्रतिशत गरीबों को चिह्नित कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने का लक्ष्य है । इसमें 55 प्रतिशत लोग चिन्हित कर लिए गए है ।
कुछ अपात्र आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना से जुड़े है । जिन्हे हटा दिया जाएगा। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अपात्रों की सूचना जिला पूर्ति कार्यालय को उपलब्ध कराए।
इस अवसर पर सभासद देवराज सिंह, पूरन सिंह, नसीर अहमद, वाहिद अली अंसारी, वाजिद अली, विष्णु वर्मा, सुबाश व कोटेदार पंडित अखिलेशदत्त त्रिपाठी, बृजेशलाल श्रीवास्तव, शिवकुमार मिश्रा, जयप्रकाश जायसवाल, राजेन्दर जायसवाल, सुरेश समेत अनेक लोग मौजूद रहे ।
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अपात्रों के कार्डों की जांच कराई जाए
मेंहदावल । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में अपात्रों को अंत्योंदय कार्ड उपलब्ध कराने की शिकायत नगर पंचायत के सभासदों ने जिलापूर्ति अधिकारी के समक्ष उठाकर निरस्त करते हुए पात्रों को जोड़ने की मांग उठाई । सभासद पूरन सिंह, नसीर अहमद, वाहिद अली, विष्णु आदि ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में अंत्योंदय कार्ड ऐसे लोगों के बन गए है। जो इसके लिए पात्र नही है । जबकि तमाम गरीब पात्रता की मानक पूरा करने के बाद भी इस योजना से वंचित है । ऐसे में सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने के पीछे जो मंशा है वो विभागीय लापरवाही के कारण धराशायी हो रहा है। नगर में बने अंत्योंदय कार्डों की निष्पक्ष जांच कराते हुए पात्रों को ही इसका लाभ मिले यह जिला पूर्ति के कार्यालय को सुनिश्चित करना चाहिए ।