जिले में 208 परिषदीय विद्यालयों के भवन जर्जर
पढ़ने वाले 17 हजार बच्चों पर बना हुआ है खतरे का अंदेशा
खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, बीएसए ने शुरू कराया भवनों का सत्यापन
संतकबीरनगर। जिले में 208 परिषदीय विद्यालयों के भवन पूरी तरह जर्जर हैं। इससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 17 हजार बच्चों पर खतरे का अंदेशा बना हुआ है। इसका खुलासा बीईओ की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने इन भवनों का भौतिक सत्यापन शुरू करा दिया है, जो भवन जर्जर हैं, वहां से बच्चों को नजदीक के विद्यालयों में नामांकित कराया जाएगा। साथ ही जर्जर भवन को गिराए जाने की भी योजना है।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 250 कंपोजिट, 805 प्राथमिक और 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब एक लाख 60 हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। इधर, सरकार ने जर्जर भवनों को गिराकर नए भवन बनाने का फरमान जारी किया है। जिसके बाद बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की रिपोर्ट मांगी। खंड शिक्षा अधिकारियों ने एनपीआरसी (न्याय पंचायत समन्वयक) से इन विद्यालयों की सूचना एकत्र कराई तो जिले में कुल 208 विद्यालय जर्जर हालत में मिले। कई जगह इन्हीं भवनों में बच्चे पढ़ाई भी करते हैं। लगभग 17 हजार बच्चे इन विद्यालयों में नामांकित हैं। जिसके बाद बीईओ ने इसकी रिपोर्ट बीएसए को भेज दी। इनमें सांथा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा, उच्च प्राथमिक विद्यालय पटखौली, प्राथमिक विद्यालय डबरा शामिल हैं। इन विद्यालयों के भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद बीएसए कार्यालय अब इन भवनों का भौतिक सत्यापन करा रहा है। जहां अतिरिक्त कक्षा कक्ष बने हैं, वहां छात्रों का पठन पाठन कराया जाएगा और जिस विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष नहीं है और भवन जर्जर हैं, वहां से छात्रों का नामाकंन बगल के विद्यालय में कराने की योजना है। इसके बाद भवनों को गिराकर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
जिले में 208 भवनों के जर्जर होने की रिपोर्ट आई है, इसका आकलन के साथ ही भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जो भवन पूरी तरह से जर्जर हैं, उन्हें गिराया जाएगा ताकि बच्चे सुरक्षित हो सकें। नए भवन के निर्माण को परियोजना के लिए कार्यालय को पत्र भेजा जाएगा, जहां पर अतिरिक्त कक्षा कक्ष हैं, वहां बच्चों का पठन पाठन शुरू कराया जाएगा।
अतुल कुमार तिवारी, बीएसए