गोरखपुर। तुर्कमानपुर के हांसूपुर मोहल्ले में बुधवार का दिन मातम और चीख-पुकार के बीच बीता। राप्ती नदी में डूबने से जान गंवाने वाले तीन किशोरों अंश उर्फ निक्कू, इरफान और शक्ति कुमार गौतम के शव जैसे ही मोहल्ले में लाए गए, पूरे इलाके में कोहराम मच गया।
मांओं की चीखें और परिजनों का विलाप सुन हर आंख नम हो गई। देर रात तक मोहल्ले के किसी घर में चूल्हा नहीं जला।
पोस्टमार्टम के बाद सबसे पहले दोपहर करीब 3:40 बजे अंश उर्फ निक्कू का शव घर लाया गया। बेटे का शव देखते ही मां रेखा बेसुध होकर उससे लिपट गईं। वह बार-बार रोते हुए कहती रहीं- मेरा बाबू मुझे छोड़कर कहां चला गया। दादा रामदरश भी पोते का शव देख फफक पड़े। अंश की अर्थी उठते ही पूरे मोहल्ले की आंखें भर आईं।
इरफान का शव लाते ही गूंज उठीं चीखें : करीब चार बजे इरफान का शव मोहल्ले में लाया गया तो लोग फिर चीख पड़े। मां सोना अपने इकलौते बेटे की लाश के पास बैठकर छाती पीटने लगीं और अपने भाग्य को कोसती रहीं। पिता फखरुद्दीन की आंखें मानो पथरा गई थीं।