रेलवे ट्रैक पर साइकिल रखने के मामले का एसपी ने किया खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर साइकिल रखने के मामले का मंगलवार को खुलासा कर दिया। एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि रिटायर्ड पुलिस कर्मी के पुत्र ने ट्रैक पर साइकिल रखी थी। आरोपी ने भी साइकिल रखने की बात कबूली है। बताया कि वह नशे में था। उसने साइकिल ट्रैक पर रखी थी ताकि वह दो टुकड़ों में बंट जाए और उसे कबाड़ी के यहां आसानी से बेच सके। आरोपी की पहचान प्रवीन चौहान पुत्र रामनाथ चौहान ग्राम व पोस्ट सिंहौरा थाना बेलघाट जिला गोरखपुर वर्तमान पता खलीलाबाद मीट मंडी उत्तरी टोलकके रूप में हुई।
एएएसी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पांच अक्तूबर को खलीलाबाद और मगहर रेलवे स्टेशन के मध्य रेलवे ट्रैक पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने साइकिल रख दी थी, जो साबरमती एक्सप्रेस के इंजन से टकरा कर फंस गया। घटना में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट बस्ती पर रेल अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद एक संयुक्त टीम कोतवाली, रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी बस्ती की गठित की गई। संयुक्त टीम को सूचना मिली कि पांच अक्तूबर को जिस व्यक्ति के द्वारा रेलवे ट्रैक पर साइकिल रखी गई थी। वह उसी स्थान पर कुछ तलाश कर रहा है। सूचना पाकर संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, जहां पर एक संदिग्ध ट्रैक पर झाड़ियों एवं रेलवे ट्रैक के नजदीक कुछ तलाश रहा था। पूछताछ करने पर वह घबरा गया।
विश्वास में लेकर पूछताछ करने पर बताया कि वह शराब के नशे का आदी है। चार दिन पहले उसने एक साइकिल सुबह ही ट्रेन के आगे रख दी थी कि उसके दो टुकड़े हो जाएं और उसे बेच सके। उसी को तलाशने आया हूं। घटना में युवक के शामिल होने पर टीम ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद आरपीएफ युवक को कस्टडी में लेकर रवाना हो गई।
घर से गांव के लिए निकला था आरोपी
ट्रैक पर साइकिल रखने वाला आरोपी घर पर गांव जाने की बात कहकर निकला था। यह बात उसके पिता रामनाथ चौहान ने बताई। बताया कि प्रवीन एक दिन पूर्व गोरखपुर गांव जाने की बात कहकर निकला था। उसके बाद से ही वह खलीलाबाद घर पर नहीं आया। वह इस बीच कहां रहा और क्या किया इसके बारे में किसी को कोई पता नहीं है।