संवाद न्यूज एजेंसी
सांथा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत परसिया में चल रही नौ दिवसीय श्री रामकथा में शुक्रवार को अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक आचार्य धनंजय महाराज ने श्रीराम वनवास की कथा का प्रसंग सुनाया। जैसे ही राम वनगमन की कथा शुरू हुई तो श्रोताओं की आंखों से आंसू छलक पड़े।
कथावाचक ने कहा कि अयोध्या के कोप भवन में कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वचन मांगे। राजा दशरथ से पहला वचन अपने पुत्र भरत को अयोध्या की राजगद्दी मांग ली, तथा दूसरा भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मांगा। जब श्रीराम को इसका पता चला तो वह पिता के वचन को निभाने के लिए वन जाने के खुशी-खुशी तैयार हो गए। भगवान श्रीराम के वन जाने की बात सुनते ही माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने को तैयार हो गए।
राम जी के मना करने के बाद भी लक्ष्मण नहीं माने। इसके बाद तीनों अयोध्या से वन के लिए निकल पड़े। इस मौके बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।