संतकबीरनगर। धनघटा थाने में शनिवार को विधायक गणेश चंद्र चौहान की मौजूदगी में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें 34 में से दो मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया, जबकि धनघटा में सर्वाधिक चर्चित रास्ते के विवाद का समाधान नहीं हो सका।
थाना समाधान दिवस में विधायक की मौजूदगी होने की जानकारी पर पिछले समाधान दिवसों की अपेक्षा आज फरियादियों की संख्या अधिक रही। सर्वाधिक मामले भूमि विवाद के पेश हुए। इसमें धनघटा के हैंसर रोड निवासी भगवानदास चौधरी प्रार्थना पत्र देकर कहां कि वर्ष 1995 में आवासीय पट्टा के रूप में उन्हें जमीन आवंटित की गई थी। उस पर वह काबिज भी थे। 18 जून की सुबह लगभग 6:30 बजे गांव निवासी कुछ लोग सहयोगियों के साथ पहुंचकर दीवार और गेट को तोड़ दिया। जिस समय दीवार तोड़ी जा रही थी उसकी जानकारी पुलिस को मोबाइल के जरिये बार-बार देता रहा, लेकिन पुलिस मौके पर तब पहुंची जब दीवार ध्वस्त कर दी गई।
दीवार तोड़ने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज न करके पुलिस ने दोनों पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में चालान करके जिम्मेदारी को पूर्ण कर ली। जमीन पर कब्जा पाने के लिए तभी से चक्कर लगा रहे हैं। इस मामले पर करीब 45 मिनट तक दोनों पक्षों से सहमति बनाए जाने पर बातचीत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
भगवानदास चौधरी ने अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया है। डेफरा गांव निवासी बाल किशुन, संतराम आदि ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि वर्ष 1998 में उन लोगों के नाम से आवासीय पट्टा हुआ। उस समय पैमाइश करके जमीन का बंटवारा भी कर दिया गया। उस जमीन पर धीरे-धीरे पट्टीदारों ने कब्जा कर लिया, जिसे आज तक खाली नहीं किया। जमीन पर कब्जा पाने के लिए पट्टेदार संपूर्ण समाधान दिवस, समाधान दिवस समेत कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुके, लेकिन अभी मामला ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है।
पड़रिया गांव निवासी लालमति ने अपनी पैतृक जमीन पर दूसरों के कब्जे का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस जमीन पर उनके पुरखे रहते चले आ रहे थे। उस पर कुछ दबंग किस्म के लोग कब्जा करके बैठे हैं। इस तरह कुल 34 लोगों ने धनघटा थाने पर पहुंचकर समस्या के समाधान की फरियाद की, जिसमें दो मामलों का निस्तारण मौके पर ही हुआ।
विधायक गणेश चंद्र चौहान ने कहा कि अनावश्यक रूप से कोई परेशान न हो सभी के समस्याओं का समाधान मौके पर जाकर त्वरित गति से किया जाए। इस मौके पर एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार, सीओ बृजेश सिंह एसओ संतोष मिश्रा आदि अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। इसी तरह से दुधारा और मेंहदावल थाने पर डीएम संदीप कुमार और एसपी सत्यजीत गुप्त ने समस्या सुनीं। जिले में कुल 112 मामले आए और 17 का ही निस्तारण हो पाया।