गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाने और कम वजन वाले बच्चों का वजन बढ़ाने की कवायद करनी होगी। इसके लिए हौसला फीडिंग कार्यक्रम चलाया गया है। इस कार्य में अधिकारी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता योजना संचालन में लापरवाही बरती तो औचक निरीक्षण में हकीकत से पर्दा हट जाएगा।
डीपीओ अरुण दूबे ने बताया कि मुख्यसचिव दीपक सिंघल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने से मात्र दस मिनट पहले अफसरों व कार्यकर्ताओं को सूचना दी जाएगी। हौसला मिशन योजना में गर्भवती/धात्री महिलाओं को एनीमिया से बचाने के लिए और उम्र के हिसाब से कम वजन वाले बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण युक्त भोजन बनवाकर खिलाया जाना है।
इसमें हर एक बच्चे को देशी घी, दूध, पंजीरी व गर्भवती/धात्री महिलाओं को घी, दूध, एक फल, दही, भोजन समेत कई पोषक तत्व हर हफ्ते बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को दिया जाएगा। इसमें अब मीटिंग व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, बल्कि सभी को काम करके दिखाना होगा। इसमें विभागीय अधिकारियों व संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निरीक्षण करने के दस मिनट पहले सूचना देकर निरीक्षण होगा।